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Kotdwar News: बीरोंखाल के तैली पखोली गांव में हो रहा दोबारा विद्युतीकरण
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10 परिवार ही रहते हैं गांव में, बिना समस्या के बिछा दी गई नई लाइन
बैजरो। बीरोंखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा पखोली के राजस्व गांव तैली पखोली का दोबारा विद्युतीकरण का कार्य क्षेत्रवासियों के गले नहीं उतर रहा है। गांव में 30 साल पहले विद्युतीकरण हो चुका है। वर्तमान में गांव में महज 10 परिवार हैं और ग्रामीणों की बिजली से संबंधित कोई शिकायत भी नहीं है। क्षेत्रवासियों ने इसे घोर अनियमितता व सरकारी धन का दुरुपयोग का मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।
तैली पखोली गांव में करीब 30 साल पहले विद्युतीकरण का कार्य हुआ था। कुछ दिन पूर्व ऊर्जा निगम की ओर से गांव में 35 नए पोल लगाने के साथ ही नई लाइन बिछाई गई। इसके अलावा गांव में एक अतिरिक्त नया ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं है कि उनके गांव में विद्युतीकरण का कार्य पुन: क्यों किया जा रहा है। जबकि उनकी बिजली से संबंधित कोई शिकायत भी विभाग में दर्ज नहीं है।
ग्राम प्रधान रोहित रावत ने बताया कि कुछ दिन पहले ही ठेकेदार के आदमी आए व अपनी सुविधानुसार गांव का विद्युतीकरण कर चले गए। अब उनके गांव में बिजली के दो ट्रांसफार्मर लग गए हैं। नई लाइन बिछने से अब दो बिजली की लाइन हो गई हैं।
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उधर, क्षेत्र के अनूप पटवाल का कहना है कि बीरोंखाल के अंतर्गत उनके गांव बिरगणा समेत अन्य गांवों में कई बिजली के पोल जर्जर हैं। ग्रामीण लगातार पोल व तारों को बदलने की मांग कर रहे हैं। कहा कि जिन गांवों में लाइनों की मरम्मत व दोबारा विद्युतीकरण की आवश्यकता है, वहां पोल और बिजली की लाइनें नहीं बदली जा रही है। वहीं, जिन गांवों में आवश्यकता नहीं है, वहां मनमाने ढंग से अपनी सुविधा के अनुसार बिना किसी पूर्व सूचना के पोल व ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। जो धन के दुरुपयोग का मामला है। जांच होने पर ही सच्चाई सामने आएगी।
राज्य योजना के तहत गांवों में नए पोल और ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। साथ ही नई बिजली की लाइनें बिछाई जा रही है। कहा कि अन्य जगह जहां भी जरूरत होगी, बिजली के पोल बदले जाएंगे।
- शैलेंद्र बिष्ट, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड नैनीडांडा
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बैजरो। बीरोंखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा पखोली के राजस्व गांव तैली पखोली का दोबारा विद्युतीकरण का कार्य क्षेत्रवासियों के गले नहीं उतर रहा है। गांव में 30 साल पहले विद्युतीकरण हो चुका है। वर्तमान में गांव में महज 10 परिवार हैं और ग्रामीणों की बिजली से संबंधित कोई शिकायत भी नहीं है। क्षेत्रवासियों ने इसे घोर अनियमितता व सरकारी धन का दुरुपयोग का मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।
तैली पखोली गांव में करीब 30 साल पहले विद्युतीकरण का कार्य हुआ था। कुछ दिन पूर्व ऊर्जा निगम की ओर से गांव में 35 नए पोल लगाने के साथ ही नई लाइन बिछाई गई। इसके अलावा गांव में एक अतिरिक्त नया ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं है कि उनके गांव में विद्युतीकरण का कार्य पुन: क्यों किया जा रहा है। जबकि उनकी बिजली से संबंधित कोई शिकायत भी विभाग में दर्ज नहीं है।
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ग्राम प्रधान रोहित रावत ने बताया कि कुछ दिन पहले ही ठेकेदार के आदमी आए व अपनी सुविधानुसार गांव का विद्युतीकरण कर चले गए। अब उनके गांव में बिजली के दो ट्रांसफार्मर लग गए हैं। नई लाइन बिछने से अब दो बिजली की लाइन हो गई हैं।
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उधर, क्षेत्र के अनूप पटवाल का कहना है कि बीरोंखाल के अंतर्गत उनके गांव बिरगणा समेत अन्य गांवों में कई बिजली के पोल जर्जर हैं। ग्रामीण लगातार पोल व तारों को बदलने की मांग कर रहे हैं। कहा कि जिन गांवों में लाइनों की मरम्मत व दोबारा विद्युतीकरण की आवश्यकता है, वहां पोल और बिजली की लाइनें नहीं बदली जा रही है। वहीं, जिन गांवों में आवश्यकता नहीं है, वहां मनमाने ढंग से अपनी सुविधा के अनुसार बिना किसी पूर्व सूचना के पोल व ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। जो धन के दुरुपयोग का मामला है। जांच होने पर ही सच्चाई सामने आएगी।
राज्य योजना के तहत गांवों में नए पोल और ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। साथ ही नई बिजली की लाइनें बिछाई जा रही है। कहा कि अन्य जगह जहां भी जरूरत होगी, बिजली के पोल बदले जाएंगे।
- शैलेंद्र बिष्ट, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड नैनीडांडा