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बलात्कार के आरोपी को दस वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो/ पौड़ी
Updated Tue, 25 Oct 2016 09:45 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बलात्कार के आरोपी को दस साल कैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर शादीशुदा महिला को झांसे में लेकर अपहरण करके बलात्कार करने का आरोप था। न्यायालय ने आरोपी को अपहरण के आरोप से मुक्त कर दिया।
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पौड़ी जिले के अजमेरवल्ला निवासी एक व्यक्ति ऊधमसिंह नगर में नौकरी करता था। उसने अपनी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना इसी वर्ष अप्रैल माह की है। अपनी रिपोर्ट में उसने बताया था कि उसकी पत्नी गांव में रहती है, जो कि अचानक घर से लापता हो गई है। पत्नी घर पर यह बताकर गई थी कि उसके पिता का स्वास्थ्य खराब है। पत्नी के मायके फोन करने पर पता चला कि वह वहां नहीं पहुंची है। इसके बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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इस मामले में बाद में राजस्व पुलिस ने लापता महिला को बदायूं, उत्तरप्रदेश निवासी दो भाइयों शिवम व अजीत तथा उनके पिता सुरेंद्र के साथ कोटद्वार से बरामद किया। पूछताछ में पता चला कि इन तीनों ने महिला को झांसे में लेकर घटना के दिन हरिद्वार बुलाया था, जहां वे चार दिन तक एक होटल में रहे। बाद में वे महिला को अपने साथ बदायूं ले गए। यहां तीनों में से एक आरोपी शिवम ने महिला के साथ कई दिन तक बलात्कार किया। बाद में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी लगते ही वह महिला को उसके घर छोड़ने जा रहा था कि राजस्व पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर दिया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने की। उन्होंने न्यायालय के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन की अदालत ने तीनों में से दो आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि एक आरोपी शिवम को बलात्कार का दोषी पाते हुए दस वर्ष कैद की सजा सुनाई। उसे पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है। न्यायालय ने राज्य सरकार को पीड़िता को एक लाख का मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।