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लकड़ी पर बनाना पड़ रहा खाना
पौड़ी
Updated Thu, 14 Jan 2016 05:04 PM IST
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खातस्यूं पट्टी के घंडियालधार, सीकू, पोखरीखेत, पातल क्षेत्र में दो महीने से रसोई गैस की सप्लाई नहीं हो पाई है। इससे यहां रसोई गैस का संकट गहराया हुआ है। लोगों को चूल्हा जलाने लिए लकड़ी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
पाबौ ब्लाक के घंडियालधार, सीकू, पोखरीखेत, पातल क्षेत्र में गढ़वाल गैस सर्विस की ओर रसोई गैस की सप्लाई की जाती है। इस क्षेत्र में इंडेन रसोई गैस के डेढ़ हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। क्षेत्रवासी बताते हैं कि इस रूट पर गढ़वाल गैस सर्विस की ओर से हर माह गैस की सप्लाई की जाती है, लेकिन इस बार दो माह से सप्लाई नहीं हो पाई है। ऐसे में लोगों को चूल्हा जलाने के लिए लकड़ियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
खातस्यूं विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश सिंह, बीएम सिंह, राजेंद्र नेगी, सरोज गुसाईं बताते हैं कि वह कई बार रसोई गैस की सप्लाई की मांग उठा चुके हैं। इधर पौड़ी-अगरोड़ा रूट में ज्वाल्पा क्षेत्र में भी दो महीने से गैस नहीं जा पाई है। सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत मोहन बिष्ट ने बताया कि गैस की आपूर्ति नहीं होने से जंगलों में दबाव बढ़ रहा है। गढ़वाल गैस सर्विस के प्रबंधक एनके नैथानी का कहना है कि खातस्यूं पट्टी और ज्वाल्पा में एक दो दिन में गैस भेज दी जाएगी।
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पाबौ ब्लाक के घंडियालधार, सीकू, पोखरीखेत, पातल क्षेत्र में गढ़वाल गैस सर्विस की ओर रसोई गैस की सप्लाई की जाती है। इस क्षेत्र में इंडेन रसोई गैस के डेढ़ हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। क्षेत्रवासी बताते हैं कि इस रूट पर गढ़वाल गैस सर्विस की ओर से हर माह गैस की सप्लाई की जाती है, लेकिन इस बार दो माह से सप्लाई नहीं हो पाई है। ऐसे में लोगों को चूल्हा जलाने के लिए लकड़ियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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खातस्यूं विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश सिंह, बीएम सिंह, राजेंद्र नेगी, सरोज गुसाईं बताते हैं कि वह कई बार रसोई गैस की सप्लाई की मांग उठा चुके हैं। इधर पौड़ी-अगरोड़ा रूट में ज्वाल्पा क्षेत्र में भी दो महीने से गैस नहीं जा पाई है। सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत मोहन बिष्ट ने बताया कि गैस की आपूर्ति नहीं होने से जंगलों में दबाव बढ़ रहा है। गढ़वाल गैस सर्विस के प्रबंधक एनके नैथानी का कहना है कि खातस्यूं पट्टी और ज्वाल्पा में एक दो दिन में गैस भेज दी जाएगी।
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