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नाबालिग से दुराचार के दोषी को दस साल की सजा
अमर उजाला/पौड़ी।
Updated Thu, 21 Jul 2016 09:58 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन की अदालत ने नाबालिग से दुराचार के मामले में दोषी युवक को दस साल कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पोक्सो में भी दस साल कैद और पांच हजार अर्थदंड लगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी के माध्यम से राज्य सरकार को पीड़िता को एक लाख रुपया मुआवजा देने के आदेश हुए हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता नेगी ने बताया कि ग्राम जाखाली के एक व्यक्ति ने 27 जुलाई 2015 को तहरीर दी कि उनकी नाबालिग बेटी के साथ गांव के ही व्यक्ति ने दुराचार किया है। पटवारी ने जांच कर 15 अगस्त 2015 को मामला महिला थाना पुलिस श्रीनगर को रेफर कर दिया। पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान हुए। 21 जुलाई को आरोपी नवल किशोर को दोषी मानते हुए दस साल कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पोक्सो के तहत भी दस साल कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड का पीड़िता को 50 फीसदी दिया जाएगा।
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जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी के माध्यम से राज्य सरकार को पीड़िता को एक लाख रुपया मुआवजा देने के आदेश हुए हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता नेगी ने बताया कि ग्राम जाखाली के एक व्यक्ति ने 27 जुलाई 2015 को तहरीर दी कि उनकी नाबालिग बेटी के साथ गांव के ही व्यक्ति ने दुराचार किया है। पटवारी ने जांच कर 15 अगस्त 2015 को मामला महिला थाना पुलिस श्रीनगर को रेफर कर दिया। पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान हुए। 21 जुलाई को आरोपी नवल किशोर को दोषी मानते हुए दस साल कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पोक्सो के तहत भी दस साल कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड का पीड़िता को 50 फीसदी दिया जाएगा।
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