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मेडिकल कालेज में होंगे अब स्थाई शिक्षक

Mon, 20 Jun 2016 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर Updated Mon, 20 Jun 2016 10:40 PM IST
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राजकीय मेडिकल कालेज में अब संविदा के बजाय नियमित संकाय सदस्यों (फैकल्टी) की नियुक्ति होगी। इससे नौकरी छोड़कर जा रहे संकाय सदस्यों को रोकने में चिकित्सा शिक्षा विभाग को सफलता मिलेगी।

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वर्ष 2008 में श्रीनगर में राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना हुई। तब से आज तक कालेज में अस्थाई संकाय सदस्य (प्रांतीय चिकित्सा सेवा के चिकित्सकों को छोड़कर) तैनात हैं। यहां तक कि प्राचार्य पद पर भी गत मई तक अस्थाई वरिष्ठ प्रोफेसरों से काम चल रहा था।
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पिछले आठ सालों से कालेज में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर संविदा पर विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त हैं। इसके अलावा चिकित्सकों के मन में हर साल संविदा के नवीनीकरण को लेकर चिंता रहती है। इन्हीं वजहों कई वरिष्ठ चिकित्सक नौकरी छोड़कर चले गए। मौजूदा समय में कई विभागों में संकाय सदस्यों के पद रिक्त चल रहे हैं।
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वरिष्ठ चिकित्सकों/संकाय सदस्यों के जाने से कालेज के पठन-पाठन सहित बेस अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं पर भी असर पड़ता है। बताया जाता है कि आठ साल की अवधि में संकाय सदस्यों से उनको नियमित करने संबंधी प्रस्ताव भी नहीं मांगा गया, जबकि संकाय सदस्य यह चाहते हैं कि सर्विस रूल और वेतन संबंधी प्रकरणों के निस्तारण के साथ उनको नियमित नियुक्ति दे दी जाए।


चिकित्सा शिक्षा के निदेशक प्रो. आशुतोष सयाना का कहना है कि उत्तराखंड चिकित्सा बोर्ड के माध्यम से कालेज में स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति की कार्रवाई चल रही है। इसके लिए शीघ्र विज्ञप्ति जारी की जाएगी।

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