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वाहनों के बढ़े प्रवेश और पर्किंग शुल्क का विरोध
अमर उजाला/लैंसडौन।
Updated Tue, 22 Mar 2016 07:21 PM IST
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टैक्सी यूनियनों ने कैंट बोर्ड की ओर से अपनी सीमा के अंदर वाहनों के प्रवेश करने पर लगाए जाने वाले प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क का विरोध करते हुए अपने वाहन कैंट सीमा से बाहर खड़े करने का फैसला किया है।
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कोटद्वार यूनियन के अध्यक्ष एसएस रावत और लैंसडौन-जयहरीखाल यूनियन के अध्यक्ष एसएस चौहान ने कैंट की इस व्यवस्था को उत्पीड़नात्मक बताते हुए कहा कि एक अप्रैल से लागू हो रही इस व्यवस्था के चलते वे अपने वाहन नगर में नहीं लाएंगे। रावत व चौहान ने कहा कि पूर्व में उनके मासिक पास ढाई सौ और सालाना पास नौ सौ की राशि देकर बन रहे थे। साथ ही उन्हें नगर में वाहन पार्किंग का अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ता था। लेकिन नई व्यवस्था में टैक्सी चालकों के लिए प्रवेश शुल्क की मासिक राशि 400 रुपया और वार्षिक राशि 4400 रखी गई है।
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जो कि गत साल की तुलना में कई गुना अधिक है। राष्ट्रीय राजमार्गों व अन्य मार्गों पर भी इतना भारी शुल्क नहीं लिया जाता है। कहा कि बोर्ड द्वारा निर्धारित एक और व्यवस्था के तहत निर्धारित पार्किंगों पर चार घंटे से अधिक वाहन खड़ा होने पर प्रति घंटा पांच रुपया राशि तय की गई है। जो कि पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि जब तक कैंट बोर्ड बढे़ हुए शुल्क को वापस नहीं लेता तब तक वे अपने वाहन छावनी सीमा से बाहर रखेंगे।
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