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एक गिलास पानी को भटकना पड़ रहा
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार।
Updated Sun, 22 May 2016 11:47 PM IST
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दुगड्डा ब्लाक के कठूड़ बड़ा और पुरवाना गांव में एक सौ पांच परिवारों को जल संस्थान केवल एक हजार लीटर पानी दे रहा है। यहां प्राकृतिक स्रोत सूख जाने के कारण पेयजल संकट गहरा गया है। लोगों को छह किमी दूर अन्य प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
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गांवों में पहले से ही पेयजल किल्लत को देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर सरकार ने गयेड़ा गधेरा के स्रोत से दोनों गांवों के लिए पेयजल योजना बनाई थी लेकिन जंगलों में लगी भीषण आग और गर्मी के कारण पानी का स्रोत पूरी तरह से सूख गया। वर्तमान में दोनों गांव में पिछले 15 दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। विभाग ने ग्राम पंचायत में हैंडपंप भी लगाया था, लेकिन वह भी देखरेख के अभाव में ठप पड़ा हुआ है।
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उपप्रधान गबर सिंह और समाजसेवी विशन सिंह ने जलसंस्थान पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि विगत 15 दिनों से लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं। लेकिन विभाग शिकायत के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं कर रहा है। बार-बार शिकायत करने पर विभाग पांच दिन बाद टैंकर लेकर आया लेकिन मात्र एक हजार लीटर पानी बांटकर चलता बना। वर्तमान में ग्रामीणों को एक गिलास पानी पीने के लिए जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों को छह किमी दूर जाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। चेताया कि शीघ्र गांव में पानी की व्यवस्था नहीं किए जाने पर अधिशासी अभियंता का घेराव किया जाएगा।
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जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता ओपी बहुगुणा ने बताया कि ग्रामीणों की लिखित शिकायत आने पर क्षेत्र में टैंकरों द्वारा पानी की सप्लाई की जाएगी।