{"_id":"d4d29e94f23b8f9c90687010408e1d38","slug":"guldaar-killed-a-child-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलदार ने एक और बच्चे को मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलदार ने एक और बच्चे को मार डाला
पौड़ी
Updated Thu, 04 Feb 2016 09:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कफोलस्यूं पट्टी के सरक्याणा वल्ला गांव में सात वर्षीय बालक को गुलदार ने मार डाला। वह अपनी मां के साथ घर से सौ मीटर दूर गाय लेने के लिए गया था। घटना के 15 घंटे के बाद बालक का अधखाया शव गांव से दो सौ मीटर दूर झाड़ियों में मिला। गांव में शिकारी दल तैनात करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शव नहीं उठाने दिया।
कल्जीखाल ब्लाक के सरक्याणा वल्ला गांव निवासी नरेंद्र रावत का सात वर्षीय पुत्र सुमित अपनी मां के साथ बुधवार शाम को करीब पांच बजे घर से करीब सौ मीटर दूर बंजर खेतों में गाय लेने गया था। बाद में मां लक्ष्मी देवी ने उसे घर भेज दिया। शाम को करीब साढे़ छह बजे जब लक्ष्मी घर आई तो पता चला सुमित घर नहीं पहुंचा है। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने सुमित को तलाशना शुरू किया। वन और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। रात में सुमित की चप्पल और पैजामा तो रास्ते से कुछ दूर पड़े मिले, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। काफी तलाशने के बाद बृहस्पतिवार को सुबह साढे़ आठ बजे सुमित का अधखाया शव घर से करीब दो सौ मीटर नीचे झाड़ियों में मिला।
गुलदार ने शव के निचले हिस्से को पूरी तरह खाया हुआ था। शव मिलने के काफी देर बाद भी प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बाद में पहुंचे तहसीलदार आशीष घिल्डियाल और रेंजर केसी थपलियाल को भी लोगों का गुस्सा झेलना पड़ा। सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत मोहन बिष्ट, ग्राम प्रधान सुनीता देवी, चंद्रमोहन सिंह, दिनेश सिंह ने डीएफओ को बुलाने की मांग की। करीब 12 बजे डीएफओ रमेश चंद्र और एसडीओ सुबोध काला के पहुंचने के बाद भी लोग नहीं माने। उनका कहना था कि गुलदार को आदमखोर घोषित किए जाने और गांव में शिकारी दल तैनात होने के बाद ही वह शव को उठाने देंगे। डीएफओ रमेश चंद्र ने बताया कि गुलदार आदमखोर घोषित हो गया है। शिकारी जॉय हुकिल को मौके पर भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कल्जीखाल ब्लाक के सरक्याणा वल्ला गांव निवासी नरेंद्र रावत का सात वर्षीय पुत्र सुमित अपनी मां के साथ बुधवार शाम को करीब पांच बजे घर से करीब सौ मीटर दूर बंजर खेतों में गाय लेने गया था। बाद में मां लक्ष्मी देवी ने उसे घर भेज दिया। शाम को करीब साढे़ छह बजे जब लक्ष्मी घर आई तो पता चला सुमित घर नहीं पहुंचा है। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने सुमित को तलाशना शुरू किया। वन और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। रात में सुमित की चप्पल और पैजामा तो रास्ते से कुछ दूर पड़े मिले, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। काफी तलाशने के बाद बृहस्पतिवार को सुबह साढे़ आठ बजे सुमित का अधखाया शव घर से करीब दो सौ मीटर नीचे झाड़ियों में मिला।
विज्ञापन
गुलदार ने शव के निचले हिस्से को पूरी तरह खाया हुआ था। शव मिलने के काफी देर बाद भी प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बाद में पहुंचे तहसीलदार आशीष घिल्डियाल और रेंजर केसी थपलियाल को भी लोगों का गुस्सा झेलना पड़ा। सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत मोहन बिष्ट, ग्राम प्रधान सुनीता देवी, चंद्रमोहन सिंह, दिनेश सिंह ने डीएफओ को बुलाने की मांग की। करीब 12 बजे डीएफओ रमेश चंद्र और एसडीओ सुबोध काला के पहुंचने के बाद भी लोग नहीं माने। उनका कहना था कि गुलदार को आदमखोर घोषित किए जाने और गांव में शिकारी दल तैनात होने के बाद ही वह शव को उठाने देंगे। डीएफओ रमेश चंद्र ने बताया कि गुलदार आदमखोर घोषित हो गया है। शिकारी जॉय हुकिल को मौके पर भेजा जा रहा है।
विज्ञापन