अवैध खनन और शराब के विरोध के साथ ही हेलमेट में किए जा रहे चालानों से खफा आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लालबत्ती चौक से लेकर झंडाचौक तक डीजीपी समेत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। झंडाचौक पर जैसे ही आप कार्यकर्ताओं ने डीजीपी का पुतला दहन करने का प्रयास किया, पुलिस ने उनसे पुतला छीनते हुए उन्हें गिरफ्तार कर किया। बाद में परगना मजिस्ट्रेट न्यायालय ने पांचों कार्यकर्ताओं को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
आप के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट अरविंद वर्मा, रचना रावत, हर्षिता, राजेंद्र जजेड़ी, महिताब सिंह और जीवन सिंह जलाल समेत कई कार्यकर्ता मंगलवार को लालबत्ती से जुलूस की शक्ल में झंडाचौक तक आए। जुलूस ढोल नगाड़े के साथ चल रहा था। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने डीजीपी का पुतला दहन करने का प्रयास किया, पुलिस ने पांच प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ शांतिभंग करने की धाराओं में केस दर्ज करते हुए परगना मजिस्ट्रेट योगेश मेहरा की अदालत में पेश किया। आप कार्यकर्ताओं के अधिवक्ता प्रवेश रावत ने बताया कि पांचों कार्यकर्ताओं की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने सभी को निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए। आप नेता एडवोकेट अरविंद वर्मा ने बताया कि उनकी ओर से जनता की समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराने का प्रयास किया गया है, जो स्थानीय पुलिस को रास नहीं आया। अलबत्ता, पार्टी अपनी आवाज बुलंद करने में सफल रही।