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सड़क नहीं बनने से पचास फीसदी ने छोड़ा गांव
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Mon, 30 Jan 2017 10:34 PM IST
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मंडल मुख्यालय पौड़ी से करीब 27 किलोमीटर की दूरी पर बसे डांगी गांव के बाशिंदों की महज तीन किलोमीटर सड़क की मांग चौदह साल में भी पूरी नहीं हो सकी है। कांसखेत-सतपुली मोटर मार्ग से घंडियाल-पाली-डांगी लिंक मार्ग निर्माण नहीं होने से दस साल में करीब पचास फीसदी ग्रामीण यहां से पलायन कर गए हैं। पहले जहां इस गांव में 70 परिवार निवास करते थे, सड़क नहीं बनने से आज यहां पर 35 परिवार ही रह गए हैं।
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ग्रामीण वर्ष 2003 से मार्ग निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। सड़क बनने से डांगी गांव को ही नहीं सुरालगांव, तकलना, कंटरखोली, ठांगरधार के लोगों को भी लाभ मिलना था। ग्रामीणों को प्रतिदिन करीब पांच किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ रही है। गांव में किसी के बीमार होने या गर्भवतियों को अस्पताल लाने के लिए डंडी-कंडी का सहारा लेना पड़ रहा है। नाबार्ड के सहयोग से बनने वाली सड़क के लिए करीब दो करोड़ 55 लाख रुपये की वित्त की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली थी, लेकिन बजट नहीं दिया गया।
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सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी व ग्राम प्रधान डांगी सरस्वती देवी चौहान का कहना है कि समय से अस्पताल न पहुंचने पर पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मार्ग निर्माण को लेकर ग्रामीण कई बार मुख्यमंत्री हरीश रावत, सांसद बीसी खंडूडी, विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल और ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा से अनुरोध कर चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल की ओर से शीघ्र ही सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक सड़क के लिए महज सर्वे ही किया जा सका है। मनियारस्यूं विकास संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने सड़क के लिए कई बार आंदोलन किया।
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मोटर मार्ग निर्माण की वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन को प्रारंभिक आगणन भेजा गया था। वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली।
- निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोनिवि पौड़ी
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