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पर्याप्त पानी नहीं होने से सूख रहे हैं खेत
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ब्लाक के साझासैंण में किसानों को सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने के कारण करीब एक हजार नाली खेत सूख गए हैं। किसान लगातार सिंचाई विभाग से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन किसी प्रकार की राहत नहीं मिलने से किसान मायूस हैं।
ब्लाक में खेती के लिए जाने जाना वाले साझासैंण क्षेत्र के लिए 80 के दशक में सिंचाई विभाग की ओर से खेतों में सिंचाई के लिए नहर और दो बडे़ टैंकों का निर्माण कराया था। कुछ साल बाद योजना के पुनर्गठन न होने से सिंचाई की नहर व टैंकों की स्थिति बदहाल होती चली गई। वर्तमान में सिंचाई के टैंक जर्जर हो गए हैं। नहर के हैड बदहाल है, जलस्रोत की देखभाल में कमी के कारण जलस्तर बहुत कम हो गया है। जिससे करीब एक हजार नाली सिंचित क्षेत्र में कृषि भूमि बंजर होने के कगार पर है। ग्राम पंचायत सिमलचौड़ के किसानों को अपनी खेती की चिंता सता रही है।
ग्रामीण महेंद्र सिंह, संदीप सिंह, त्रिलोक सिंह ने सिंचाई विभाग पर उनकी रोटी रोजी पर संकट पैदा करने का आरोप लगाया। कहा कि विभाग अपना कार्य निष्ठा पूर्वक नहीं कर रहा है। साझासैंण की सिंचाई योजना बदहाल होने के कारण उनके खेत बंजर होते जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत करने के बाद भी खेतों की सिंचाई को लेकर विभाग लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाए हुए है।
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साझासैण गांव में सिंचाई योजना का पुनर्गठन किया जाना आवश्यक है। योजना का आगणन तैयार कर बजट के लिए जिला योजना में रखा जाएगा।
- गौरीशंकर भंडारी, जेई, सिंचाई विभाग दुगड्डा।
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ब्लाक में खेती के लिए जाने जाना वाले साझासैंण क्षेत्र के लिए 80 के दशक में सिंचाई विभाग की ओर से खेतों में सिंचाई के लिए नहर और दो बडे़ टैंकों का निर्माण कराया था। कुछ साल बाद योजना के पुनर्गठन न होने से सिंचाई की नहर व टैंकों की स्थिति बदहाल होती चली गई। वर्तमान में सिंचाई के टैंक जर्जर हो गए हैं। नहर के हैड बदहाल है, जलस्रोत की देखभाल में कमी के कारण जलस्तर बहुत कम हो गया है। जिससे करीब एक हजार नाली सिंचित क्षेत्र में कृषि भूमि बंजर होने के कगार पर है। ग्राम पंचायत सिमलचौड़ के किसानों को अपनी खेती की चिंता सता रही है।
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ग्रामीण महेंद्र सिंह, संदीप सिंह, त्रिलोक सिंह ने सिंचाई विभाग पर उनकी रोटी रोजी पर संकट पैदा करने का आरोप लगाया। कहा कि विभाग अपना कार्य निष्ठा पूर्वक नहीं कर रहा है। साझासैंण की सिंचाई योजना बदहाल होने के कारण उनके खेत बंजर होते जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत करने के बाद भी खेतों की सिंचाई को लेकर विभाग लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाए हुए है।
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साझासैण गांव में सिंचाई योजना का पुनर्गठन किया जाना आवश्यक है। योजना का आगणन तैयार कर बजट के लिए जिला योजना में रखा जाएगा।
- गौरीशंकर भंडारी, जेई, सिंचाई विभाग दुगड्डा।