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उत्तराखंड के समग्र विकास पर दिया जोर
अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sun, 15 May 2016 07:04 PM IST
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यूएएनए की ओर से आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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उना (उत्तरांचल एसोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिका) की ओर से आयोजित आउटरीच वर्कशाप में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने राज्य की समस्याओं पर चर्चा करते हुए समाधान के विकल्पों पर विचार मंथन किया।
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रविवार को यहां जीएमवीएन गेस्ट हाउस सभागार में आयोजित कार्यशाला में दिल्ली विवि के प्रो. एसके बडोनी ने ‘अब गांव की ओर’ योजना के बारे में जानकारी दी। गढ़वाल विवि के स्कूल ऑफ सोशल साइंस के डीन प्रो. जेपी पचौरी और भौतिक विभाग के प्रो. केडी पुरोहित ने उना के कार्यों की सराहना की। भूगोल विभाग के प्रो. एमएस पंवार ने पलायन पर चिंता जताते हुए कहा कि पहाड़ में संसाधनों की कमी नहीं है। यदि इनका उचित तरीके से नियोजन किया जाए, तो कुछ भी असंभव नहीं है।
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कृषि विशेषज्ञ डा. अनिल जोशी ने खेती पर जोर देते हुए कहा कि अधिक उपज प्राप्त करने के लिए उन्नत तकनीकी का प्रयोग करना होगा। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के कोच उमेश पटवाल ने उत्तराखंड में क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों का स्तर सुधारने के बात कही। उन्होंने कहा कि कई बार उचित मंच नहीं मिलने से खेल प्रतिभाएं दब जाती हैं। ऐसी नीति बनाई जाए कि खेलों में राज्य का नाम रोशन हो।
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ध्यान मंदिरम ट्रस्ट ऋषिकेश से आए भोला शंकर डबराल ने किशोर-किशोरी संसाधन केंद्र की जानकारी दी। उन्होंने स्वरोजगार की ओर युवा वर्ग को प्रेरित करने की बात कही। अमेरिका से आए उना के प्रतिनिधि रमेश पटवाल ने उना की ओर से उत्तराखंड मेें चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। तिमली विद्यापीठ के आशीष डबराल ने पुरातन शिक्षा पद्धति और वैदिक शिक्षा को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन उत्तम सिंह चौधरी ने किया।