{"_id":"6a00845d87ee157fd20c2ad0","slug":"elephant-damages-drinking-water-pipeline-water-crisis-grips-gajrora-and-khera-villages-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-123589-2026-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: हाथी ने पेयजल लाइन तोड़ी, गजरोड़ा व खेड़ा गांव में पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: हाथी ने पेयजल लाइन तोड़ी, गजरोड़ा व खेड़ा गांव में पेयजल संकट
Sun, 10 May 2026 06:43 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 10 May 2026 06:43 PM IST
विज्ञापन
शिकायत के बाद भी वन विभाग नहीं ले रहा सुध, ग्रामीणों में रोष
कोटद्वार रिखणीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत कांडा के गांवों में हाथी की दहशत फैली है। शनिवार को हाथी ने गजरोड़ा व खेड़ा गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त कर दी जिससे दोनों गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। हाथी की दहशत के ग्रामीण प्राकृतिक स्रोत से भी पानी नहीं ले पा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने व पेयजल लाइन की मरम्मत कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत कांडा की प्रधान बिनीता ध्यानी व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अंबिका प्रसाद ध्यानी ने बताया कि पिछले 15 दिनों से ग्रामसभा में हाथी की दहशत है। हाथी ने पूर्व में गजरोड़ा, बैड़वाड़ी, ढौंर व कूंछापाणी में बगीचे को नुकसान पहुंचाया था। शनिवार को हाथी ने गजरोड़ा व खेड़ा गांव की पेयजल लाइन के पांच पाइप तोड़ डाले जिससे पानी टैंक तक नहीं पहुंच पा रहा है।
गजरोड़ा के सात परिवारों व खेड़ा के 25 परिवारों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। प्राकृतिक स्रोत से सिर पर पानी ढोने में भी हाथी व अजगर का खतरा बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने व क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार रिखणीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत कांडा के गांवों में हाथी की दहशत फैली है। शनिवार को हाथी ने गजरोड़ा व खेड़ा गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त कर दी जिससे दोनों गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। हाथी की दहशत के ग्रामीण प्राकृतिक स्रोत से भी पानी नहीं ले पा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने व पेयजल लाइन की मरम्मत कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत कांडा की प्रधान बिनीता ध्यानी व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अंबिका प्रसाद ध्यानी ने बताया कि पिछले 15 दिनों से ग्रामसभा में हाथी की दहशत है। हाथी ने पूर्व में गजरोड़ा, बैड़वाड़ी, ढौंर व कूंछापाणी में बगीचे को नुकसान पहुंचाया था। शनिवार को हाथी ने गजरोड़ा व खेड़ा गांव की पेयजल लाइन के पांच पाइप तोड़ डाले जिससे पानी टैंक तक नहीं पहुंच पा रहा है।
विज्ञापन
गजरोड़ा के सात परिवारों व खेड़ा के 25 परिवारों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। प्राकृतिक स्रोत से सिर पर पानी ढोने में भी हाथी व अजगर का खतरा बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने व क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत कराने की मांग की है।
विज्ञापन