{"_id":"6a7c7c26d4831ba1d1021764","slug":"dispute-arises-regarding-the-committee-of-the-siddhabali-temple-and-gularjhala-temple-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1007-125735-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: सिद्धबली मंदिर गूलरझाला मंदिर की समिति को लेकर उभरा विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: सिद्धबली मंदिर गूलरझाला मंदिर की समिति को लेकर उभरा विवाद
Wed, 12 Aug 2026 07:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 12 Aug 2026 07:29 PM IST
विज्ञापन
कण्वघाटी/कोटद्वार। प्राचीन सिद्धबली मंदिर गूलरझाला की प्रबंध समिति को लेकर नई और पुरानी समितियों के सदस्यों में उभरा विवाद एसडीएम कार्यालय तक पहुंच गया है। बुधवार को वार्ड संख्या 35 के पार्षद एवं क्षेत्रवासियों ने उपजिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर पूर्व समिति के कार्यकाल, मंदिर की आय-व्यय और समिति के गठन की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मंदिर समिति की दो अगस्त को गठित नई प्रबंध कार्यकारिणी के अध्यक्ष व क्षेत्रीय पार्षद भीम सिंह नेगी, उपाध्यक्ष कुबेर सिंह जलाल, कोषाध्यक्ष प्रभुलाल केष्टवाल, सचिव भूपेंद्र जलाल, उपसचिव सुनील राणा, संरक्षक गणेश अधिकारी, आनंद सिंह गुसाईं, पूर्व पार्षद जगदीश मेहरा, दिनेश चंद्र सती और जगदीश सिंह ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा।
कहा कि दो अगस्त की आम बैठक में पूर्व समिति के पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन वे उपस्थित हीं नहीं हुए। नवगठित कार्यकारिणी ने पूर्व समिति के कार्यकाल में मंदिर को प्राप्त दान, चढ़ावे और अन्य धनराशि का पूरा आय-व्यय विवरण, अभिलेख और शेष धनराशि का हिसाब स्पष्ट कराने की मांग की है।
विज्ञापन
मंदिर समिति के अध्यक्ष व क्षेत्रीय पार्षद भीम सिंह नेगी ने आशंका जताई कि कुछ लोगों के मंदिर में पहुंचकर विवाद उत्पन्न करने से धार्मिक गतिविधियां और क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने एसडीएम से चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में दानपात्र खुलवाने और पूर्व अध्यक्ष की उपस्थिति सुनिश्चित कराने, पूर्व समिति के कार्यकाल की जांच करवाने की मांग की।
विज्ञापन
मंदिर समिति की दो अगस्त को गठित नई प्रबंध कार्यकारिणी के अध्यक्ष व क्षेत्रीय पार्षद भीम सिंह नेगी, उपाध्यक्ष कुबेर सिंह जलाल, कोषाध्यक्ष प्रभुलाल केष्टवाल, सचिव भूपेंद्र जलाल, उपसचिव सुनील राणा, संरक्षक गणेश अधिकारी, आनंद सिंह गुसाईं, पूर्व पार्षद जगदीश मेहरा, दिनेश चंद्र सती और जगदीश सिंह ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
कहा कि दो अगस्त की आम बैठक में पूर्व समिति के पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन वे उपस्थित हीं नहीं हुए। नवगठित कार्यकारिणी ने पूर्व समिति के कार्यकाल में मंदिर को प्राप्त दान, चढ़ावे और अन्य धनराशि का पूरा आय-व्यय विवरण, अभिलेख और शेष धनराशि का हिसाब स्पष्ट कराने की मांग की है।
विज्ञापन
मंदिर समिति के अध्यक्ष व क्षेत्रीय पार्षद भीम सिंह नेगी ने आशंका जताई कि कुछ लोगों के मंदिर में पहुंचकर विवाद उत्पन्न करने से धार्मिक गतिविधियां और क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने एसडीएम से चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में दानपात्र खुलवाने और पूर्व अध्यक्ष की उपस्थिति सुनिश्चित कराने, पूर्व समिति के कार्यकाल की जांच करवाने की मांग की।