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Kotdwar News: कंडी मार्ग को नेशनल हाईवे के रूप में विकसित करने की मांग
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क्षेत्रवासियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
कोटद्वार। किसान नेता पातीराम ध्यानी ने गढ़वाल से कुमाऊं मंडल को जोड़ने वाले कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मोटर मार्ग और चिलरखाल-लालढांग मोटर मार्ग को नेशनल हाईवे बनाने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।
उन्होंने ज्ञापन में कहा कि कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मोटर मार्ग ब्रिटिश शासनकाल में बनी थी। पहले सड़क का इस्तेमाल लकड़ी व बावड़ का ढुलान के लिए होता था। बाद में जीएमओयू की बस का संचालन भी होने लगा। कालागढ़ रिजर्व फॉरेस्ट बनने के बाद बफर जोन में होने के कारण वर्ष 2018 में कोर्ट के आदेश पर इस मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है, जिससे क्षेत्रीय जनता को यूपी के रास्ते आवाजाही करनी पड़ रही है। यही हाल चिलरखाल-लालढांग मार्ग का भी है।
वन अधिनियम लागू होने से पूर्व कोटद्वार से हरिद्वार के लिए गंगा बस सर्विस चलती थी। बाद में वन विभाग द्वारा इसका डामरीकरण किया गया था। वर्तमान में वन अधिनियम के कारण मार्ग की मरम्मत नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को यूपी के रास्ते राजधानी देहरादून और हरिद्वार आवाजाही करनी पड़ रही है।
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कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कंडी मार्ग को नेशनल हाईवे बनाने और छह माह के भीतर काम शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इस मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया। उन्होंने जनहित में कंडी मार्ग को नेशनल हाई के रूप में विकसित करने की मांग की है।
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कोटद्वार। किसान नेता पातीराम ध्यानी ने गढ़वाल से कुमाऊं मंडल को जोड़ने वाले कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मोटर मार्ग और चिलरखाल-लालढांग मोटर मार्ग को नेशनल हाईवे बनाने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।
उन्होंने ज्ञापन में कहा कि कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मोटर मार्ग ब्रिटिश शासनकाल में बनी थी। पहले सड़क का इस्तेमाल लकड़ी व बावड़ का ढुलान के लिए होता था। बाद में जीएमओयू की बस का संचालन भी होने लगा। कालागढ़ रिजर्व फॉरेस्ट बनने के बाद बफर जोन में होने के कारण वर्ष 2018 में कोर्ट के आदेश पर इस मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है, जिससे क्षेत्रीय जनता को यूपी के रास्ते आवाजाही करनी पड़ रही है। यही हाल चिलरखाल-लालढांग मार्ग का भी है।
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वन अधिनियम लागू होने से पूर्व कोटद्वार से हरिद्वार के लिए गंगा बस सर्विस चलती थी। बाद में वन विभाग द्वारा इसका डामरीकरण किया गया था। वर्तमान में वन अधिनियम के कारण मार्ग की मरम्मत नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को यूपी के रास्ते राजधानी देहरादून और हरिद्वार आवाजाही करनी पड़ रही है।
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कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कंडी मार्ग को नेशनल हाईवे बनाने और छह माह के भीतर काम शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इस मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया। उन्होंने जनहित में कंडी मार्ग को नेशनल हाई के रूप में विकसित करने की मांग की है।