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सीएचसी चैलूसैंण : बदहाल हो रहा अस्पताल और चरमरा रही सेवाएं
Sun, 10 May 2026 06:45 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 10 May 2026 06:45 PM IST
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सीएचसी के स्थान पर पीएचसी डांडामंडी में बैठ रहा एनएचएम स्टाफ
स्टाफ नर्स अन्य अस्पतालों से संबद्ध
कोटद्वार/दुगड्डा। विकासखंड द्वारीखाल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चैलूसैंण का भवन जहां रखरखाव के अभाव में दिनोंदिन बदहाल हो रहा है वहीं स्वास्थ्य सेवाएं भी चरमरा रही है। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं।
यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के द्वारीखाल ब्लॉक में वर्ष 2015 में क्षेत्रीय ग्रामीणों को उचित स्वास्थ्य लाभ देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैलूसैंण की स्थापना की गई थी। भवन की छत में टाइल्स न होने से बरसात में स्थिति खस्ताहाल हो जाती है। चिकित्सकों के कक्षों में रिसाव हो रहा है। चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त होने से पशु परिसर में पहुंच जाते हैं।
वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। सीएचसी में तीन पुरुष व तीन महिला चिकित्सकों की तैनाती की गई है। तीन स्टाफ नर्सों की भी यहां तैनाती की गई है लेकिन वर्तमान में वह दूसरे चिकित्सालयों में अटैच हैं। सफाईकर्मी भी तीन वर्षों से नहीं है। शौचालयों, लेबर रूम, परिसर की नियमित सफाई नहीं हो रही है।
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ब्रिटिश काल में निर्मित अतिरिक्त पीएचसी भवन भी जर्जर स्थिति में है। ध्वस्तीकरण नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बना है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत लगाए गए कर्मचारी पीएचसी डाडामंडी में बैठ रहे हैं। बाल, महिला व शल्य चिकित्सकों की कमी बनी हुई है, जबकि अस्पताल में विभिन्न क्षेत्रों से रोजाना कई मरीज पहुंचते हैं।
सीएमओ डॉ. शिवमोहन शुक्ला ने बताया कि डाडामंडी पीएचसी में ब्लॉक स्तर के लैब का जो निर्माण कार्य कराया जाना था उस आदेश को निरस्त कर उसका निर्माण सीएचसी चैलूसैंण में कराया जाएगा। तीन स्टाफ नर्सों को अन्यत्र संबद्ध करने का मामला संज्ञान में आया है। एनएचएम के स्टाफ को डाडामंडी के स्थान पर सीएचसी चैलूसैंण में बैठने के आदेश दिए गए थे। आदेश की अनदेखी पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। तीन वर्षों से नदारद है सफाईकर्मी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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स्टाफ नर्स अन्य अस्पतालों से संबद्ध
कोटद्वार/दुगड्डा। विकासखंड द्वारीखाल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चैलूसैंण का भवन जहां रखरखाव के अभाव में दिनोंदिन बदहाल हो रहा है वहीं स्वास्थ्य सेवाएं भी चरमरा रही है। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं।
यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के द्वारीखाल ब्लॉक में वर्ष 2015 में क्षेत्रीय ग्रामीणों को उचित स्वास्थ्य लाभ देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैलूसैंण की स्थापना की गई थी। भवन की छत में टाइल्स न होने से बरसात में स्थिति खस्ताहाल हो जाती है। चिकित्सकों के कक्षों में रिसाव हो रहा है। चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त होने से पशु परिसर में पहुंच जाते हैं।
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वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। सीएचसी में तीन पुरुष व तीन महिला चिकित्सकों की तैनाती की गई है। तीन स्टाफ नर्सों की भी यहां तैनाती की गई है लेकिन वर्तमान में वह दूसरे चिकित्सालयों में अटैच हैं। सफाईकर्मी भी तीन वर्षों से नहीं है। शौचालयों, लेबर रूम, परिसर की नियमित सफाई नहीं हो रही है।
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ब्रिटिश काल में निर्मित अतिरिक्त पीएचसी भवन भी जर्जर स्थिति में है। ध्वस्तीकरण नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बना है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत लगाए गए कर्मचारी पीएचसी डाडामंडी में बैठ रहे हैं। बाल, महिला व शल्य चिकित्सकों की कमी बनी हुई है, जबकि अस्पताल में विभिन्न क्षेत्रों से रोजाना कई मरीज पहुंचते हैं।
सीएमओ डॉ. शिवमोहन शुक्ला ने बताया कि डाडामंडी पीएचसी में ब्लॉक स्तर के लैब का जो निर्माण कार्य कराया जाना था उस आदेश को निरस्त कर उसका निर्माण सीएचसी चैलूसैंण में कराया जाएगा। तीन स्टाफ नर्सों को अन्यत्र संबद्ध करने का मामला संज्ञान में आया है। एनएचएम के स्टाफ को डाडामंडी के स्थान पर सीएचसी चैलूसैंण में बैठने के आदेश दिए गए थे। आदेश की अनदेखी पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। तीन वर्षों से नदारद है सफाईकर्मी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।