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सड़क निर्माण के लिए हो रही ब्लास्टिंग से मकानों को खतरा
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दुगड्डा लैंसडौन मार्ग से बौंठा गांव के लिए सड़क निर्माण कार्य में हो रही ब्लास्टिंग का डेरियाखाल के ग्रामीणों ने विरोध जताया। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि ब्लास्टिंग से मकानों में कंपन पैदा हो रही है। ऐसे में मकानों को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने एसडीएम लैंसडौन को ज्ञापन सौंपकर मार्ग निर्माण में ब्लास्टिंग के कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ब्लास्टिंग का कार्य नहीं रुकने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
बुधवार को डेरियाखाल के ग्रामीण लैंसडौन तहसील पहुंचे और सड़क निर्माण में ब्लास्टिंग करने पर लोनिवि की कार्यप्रणाली का विरोध जताते हुए एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि बौंठा बैंड से बौंठा गांव तक इन दिनों सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन विभाग एक दिन में पत्थरों को तोड़ने के लिए कई बार ब्लास्टिंग कर रहा है, जिससे कारण मकानों में कंपन पैदा हो रही है। स्थिति यह है कि मकान की नींव तक हिल रही है, जिससे मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। कहा कि कई बार विभाग के अधिकारियों से ब्लास्टिंग का विरोध किया गया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने एसडीएम से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लास्टिंग नहीं करने के निर्देश देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में समाजसेवी राकेश मोहन पोखरियाल, ग्राम प्रधान रचना रावत, दलबीर सिंह और पीएस रावत आदि शामिल रहे।
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बुधवार को डेरियाखाल के ग्रामीण लैंसडौन तहसील पहुंचे और सड़क निर्माण में ब्लास्टिंग करने पर लोनिवि की कार्यप्रणाली का विरोध जताते हुए एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि बौंठा बैंड से बौंठा गांव तक इन दिनों सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन विभाग एक दिन में पत्थरों को तोड़ने के लिए कई बार ब्लास्टिंग कर रहा है, जिससे कारण मकानों में कंपन पैदा हो रही है। स्थिति यह है कि मकान की नींव तक हिल रही है, जिससे मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। कहा कि कई बार विभाग के अधिकारियों से ब्लास्टिंग का विरोध किया गया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने एसडीएम से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लास्टिंग नहीं करने के निर्देश देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में समाजसेवी राकेश मोहन पोखरियाल, ग्राम प्रधान रचना रावत, दलबीर सिंह और पीएस रावत आदि शामिल रहे।
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