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भैरवगढ़ी पंपिंग योजना से जुड़ेगी छावनी
अमर उजाला ब्यूरो लैंसडौन
Updated Wed, 27 Jan 2016 09:18 PM IST
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लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत ने बताया कि सांसद बीसी खंडूड़ी के प्रयासों से रक्षा मंत्रालय की ओर से भैरवगढ़ी पंपिंग योजना के लिए 23 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह धनराशि रक्षा मंत्रालय ने रक्षा संपदा विभाग के पक्ष में मंजूर कर दी गई है, जिसकी पहली किश्त एमईएस लैंसडौन को प्राप्त हो गई।
सहायक गैरीजन इंजीनियर इंद्रजीत थापा ने बताया कि भैरवगढ़ी योजना से छावनी को आच्छादित करने के लिए प्रथम चरण की किश्त संबंधित विभाग को कुछ दिनों पूर्व जारी की गई, इससे लैंसडौन नगर को पेयजल योजना का लाभ मिलेगा।
यह है भैरवगढ़ पेयजल योजना
वर्ष 2006 में योजना का शुभारंभ किया गया था। भैरवगढ़ी योजना से जयहरीखाल, द्वारीखाल, यमकेश्वर ब्लाकों के 67 ग्रामों सहित छावनी नगर को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। लैंसडौन में योजना से प्रतिदिन एक लाख लीटर पानी दिया जाना प्रस्तावित है। यह पानी कैंट बोर्ड की ओर से सिविल आबादी तथा एमईएस विभाग को सेना क्षेत्र में पानी देने के लिए देने की योजना है। लैंसडौन को दिया जाने वाला पानी कैंट व एमईएस विभाग आपस में बांटेंगे। इसके लिए सेना की ओर से केंद्रीय विद्यालय के नजदीक अपना रिजर्व टैंक भी बना लिया है।
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सहायक गैरीजन इंजीनियर इंद्रजीत थापा ने बताया कि भैरवगढ़ी योजना से छावनी को आच्छादित करने के लिए प्रथम चरण की किश्त संबंधित विभाग को कुछ दिनों पूर्व जारी की गई, इससे लैंसडौन नगर को पेयजल योजना का लाभ मिलेगा।
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यह है भैरवगढ़ पेयजल योजना
वर्ष 2006 में योजना का शुभारंभ किया गया था। भैरवगढ़ी योजना से जयहरीखाल, द्वारीखाल, यमकेश्वर ब्लाकों के 67 ग्रामों सहित छावनी नगर को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। लैंसडौन में योजना से प्रतिदिन एक लाख लीटर पानी दिया जाना प्रस्तावित है। यह पानी कैंट बोर्ड की ओर से सिविल आबादी तथा एमईएस विभाग को सेना क्षेत्र में पानी देने के लिए देने की योजना है। लैंसडौन को दिया जाने वाला पानी कैंट व एमईएस विभाग आपस में बांटेंगे। इसके लिए सेना की ओर से केंद्रीय विद्यालय के नजदीक अपना रिजर्व टैंक भी बना लिया है।
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