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राज्य सरकार पर बरसे लैंसडौन के विधायक
कोटद्वार
Updated Thu, 24 Dec 2015 06:25 PM IST
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विधायक निधि की दूसरी किश्त जारी न करने से भड़के लैंसडौन के विधायक महंत दलीप रावत ने पौड़ी जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन पर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। आरोप लगाया कि सरकार विधायक निधि का पैसा समय पर जारी नहीं कर पा रही है। कहा कि वह विधायक निधि आवंटित कर इसके प्रस्ताव विकास विभाग पौड़ी में जमा करवा चुके हैं, लेकिन छह माह बाद भी कार्यदायी एजेंसियों को पैसा रिलीज नहीं हो सका है। इसका असर विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों में पड़ रहा है।
विधायक ने मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन को पत्र लिखकर अवगत बताया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र लैंसडौन के विकास कार्यों के लिए जो सत्र 2015-16 में प्रथम किस्त की धनराशि शासन द्वारा निर्गत की गई थी, वह खर्च हो चुकी है। दूसरी किस्त करीब 75 लाख रुपये की धनराशि शासन द्वारा निर्गत नहीं की जा रही है। ऊपर से मुख्यमंत्री और सरकार कह रही है कि विधायक तथा मंत्रियों के विकास कार्यों की धनराशि खर्च नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक निधि खर्च न करने वाले विधायक सत्तारूढ़ दल के हैं, या फिर मंत्री हैं जिनके पास विधायक निधि खर्च करने की फुरसत नहीं है। जिन विधायकों ने अपनी निधि खर्च कर दी है, उनको बकाया धनराशि शीघ्र आवंटन कर देनी चाहिए ताकि विकास कार्यो में बाधा न आये और इसी वित्तीय वर्ष में विकास कार्य समय से पूरे हो सकें। कहा कि संशोधन के लिए भेजे गए कार्यो में शिथिलता बरती जा रही है।
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विधायक ने मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन को पत्र लिखकर अवगत बताया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र लैंसडौन के विकास कार्यों के लिए जो सत्र 2015-16 में प्रथम किस्त की धनराशि शासन द्वारा निर्गत की गई थी, वह खर्च हो चुकी है। दूसरी किस्त करीब 75 लाख रुपये की धनराशि शासन द्वारा निर्गत नहीं की जा रही है। ऊपर से मुख्यमंत्री और सरकार कह रही है कि विधायक तथा मंत्रियों के विकास कार्यों की धनराशि खर्च नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक निधि खर्च न करने वाले विधायक सत्तारूढ़ दल के हैं, या फिर मंत्री हैं जिनके पास विधायक निधि खर्च करने की फुरसत नहीं है। जिन विधायकों ने अपनी निधि खर्च कर दी है, उनको बकाया धनराशि शीघ्र आवंटन कर देनी चाहिए ताकि विकास कार्यो में बाधा न आये और इसी वित्तीय वर्ष में विकास कार्य समय से पूरे हो सकें। कहा कि संशोधन के लिए भेजे गए कार्यो में शिथिलता बरती जा रही है।
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