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वनों को वनाग्नि से बचाने को बनाई कार्ययोजना
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Tue, 31 Jan 2017 10:38 PM IST
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पौड़ी।जिले में वनों को वनाग्नि से बचाने समेत विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन एवं वन महकमे ने कसरत शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से वनाग्नि के समय वन विभाग के साथ सहयोग करने को कहा है।
जिला कार्यालय में हुई बैठक में जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट ने कहा कि इस बार वनों को आग से बचाने के लिए सभी विभागों का सहयोग लिया जाएगा। लोगों को वनों में लगने वाली आग के दुष्प्रभावों से जागरूक किए जाने के लिए सघन जन जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
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गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ रमेश चंद्र ने बताया कि गढ़वाल के कुल 5329 वर्ग किमी भौगोलिक क्षेत्रफल के सापेक्ष 72.26 प्रतिशत क्षेत्रफल में वन क्षेत्र आते हैं। गढ़वाल मंडल के गढ़वाल वन प्रभाग, लैंसडौन, कालागढ़ टाइगर रिजर्व, भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन, सिविल सोयम, अतिरिक्त भूमि संरक्षण प्रभाग रामनगर, राजाजी नेशनल पार्क तथा कार्बेट नेशनल पार्क के कुल 43.562 हेक्टेयर क्षेत्र संवदेनशील तथा कुछ क्षेत्र अतिसंवेदनशील हैं। डीएफओ ने चीड़ पिरूल एवं झाड़ी कटान को मनरेगा योजना से जोड़ने की मांग उठाई। इस दौरान सीडीओ विजय कुमार जोगदंडे, एडीएम रामजी शरण शर्मा व सीओ धन सिंह तोमर मौजूद थे।
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