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कभी बजट तो कभी बरसात ने लगाया ब्रेक
Updated Wed, 10 Oct 2018 10:33 PM IST
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कोटद्वार। शहर के गाड़ीघाट क्षेत्र को ग्रास्टनगंज से जोड़ने और भविष्य में कोटद्वार बाईपास मार्ग के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए वर्ष 2015 में स्वीकृत ग्रास्टनगंज मोटर पुल तीन साल बाद भी नहीं बन पाया है।
शहर में यातायात के बढ़ते दबाव और भविष्य में बाईपास मार्ग की संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2015 में ग्रास्टनगंज में खोह नदी में 90 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई। पुल निर्माण के लिए सरकार की ओर से करीब 4.04 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गई। पांच अगस्त 2015 को पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया। पुल को डेढ़ साल के भीतर चार फरवरी 2017 तक बनकर तैयार होना था, लेकिन पुल की धरातलीय स्थिति को देखते हुए इसके 2018 के अंत तक भी पूरा होने के आसार नहीं है। शुरुआती दौर में जहां इसकी धीमी गति के लिए पर्याप्त बजट की कमी बताई जाती रही, वहीं इस बार भारी बरसात के कारण काम न होने की बात कार्यदायी एजेंसी की ओर से बताई गई है। ग्रास्टनगंज के पुल बनने से पुराने सिद्धबली मार्ग पर आवाजाही सुगम हो जाएगी। अब तक यहां लोगों को खोह नदी पार कर आवाजाही करनी पड़ रही है। बरसात में नदी के उफान पर रहने के कारण यहां से आवागमन ठप रहता है।
इस बरसात में भारी बारिश से कार्य में व्यवधान पड़ा है। अब काम में तेजी लाने के निर्देश ठेकेदार को दिए गए हैं। इसी वित्तीय वर्ष में फरवरी-मार्च तक पुल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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-निर्भय सिंह, ईई, लोनिवि दुगड्डा।
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शहर में यातायात के बढ़ते दबाव और भविष्य में बाईपास मार्ग की संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2015 में ग्रास्टनगंज में खोह नदी में 90 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई। पुल निर्माण के लिए सरकार की ओर से करीब 4.04 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गई। पांच अगस्त 2015 को पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया। पुल को डेढ़ साल के भीतर चार फरवरी 2017 तक बनकर तैयार होना था, लेकिन पुल की धरातलीय स्थिति को देखते हुए इसके 2018 के अंत तक भी पूरा होने के आसार नहीं है। शुरुआती दौर में जहां इसकी धीमी गति के लिए पर्याप्त बजट की कमी बताई जाती रही, वहीं इस बार भारी बरसात के कारण काम न होने की बात कार्यदायी एजेंसी की ओर से बताई गई है। ग्रास्टनगंज के पुल बनने से पुराने सिद्धबली मार्ग पर आवाजाही सुगम हो जाएगी। अब तक यहां लोगों को खोह नदी पार कर आवाजाही करनी पड़ रही है। बरसात में नदी के उफान पर रहने के कारण यहां से आवागमन ठप रहता है।
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इस बरसात में भारी बारिश से कार्य में व्यवधान पड़ा है। अब काम में तेजी लाने के निर्देश ठेकेदार को दिए गए हैं। इसी वित्तीय वर्ष में फरवरी-मार्च तक पुल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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