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आंदोलनकारियों ने एसडीएम, सीएमएस को लौटाया
Updated Tue, 09 Oct 2018 10:48 PM IST
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सतपुली। संयुक्त चिकित्सालय सतपुली में चिकित्सकों की नियुक्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए नयार घाटी विकास समिति का क्रमिक अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। लोगों ने सरकार से सतपुली अस्पताल में शीघ्र चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को लोग सतपुली तहसील परिसर में पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर एसडीएम सतपुली केएस नेगी और अस्पताल के सीएमएस डा. अनुज सिसोदिया क्रमिक अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने नयार घाटी विकास सिमिति से आंदोलन को समाप्त करने अपील की, लेकिन आंदोलनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया। कहा कि सरकार द्वारा अस्पताल को उच्चीकृत करने के बाद लोगों में उन्हें समूची स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की आस जगी थी, लेकिन सरकार ने अस्पताल में सुविधाएं नहीं जुटाईं। लोग अस्पताल में इलाज के लिए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें रेफर कर दिया जा रहा है। इसके कारण क्षेत्रीय जनता में रोष है। मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा।
इस अवसर पर जगदीश बिष्ट, मनोहर लाल पहाड़ी, हरि सिंह, प्रेम सिंह रावत, विकास रावत, सर्वेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह व अरविंद रावत आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को लोग सतपुली तहसील परिसर में पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर एसडीएम सतपुली केएस नेगी और अस्पताल के सीएमएस डा. अनुज सिसोदिया क्रमिक अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने नयार घाटी विकास सिमिति से आंदोलन को समाप्त करने अपील की, लेकिन आंदोलनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया। कहा कि सरकार द्वारा अस्पताल को उच्चीकृत करने के बाद लोगों में उन्हें समूची स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की आस जगी थी, लेकिन सरकार ने अस्पताल में सुविधाएं नहीं जुटाईं। लोग अस्पताल में इलाज के लिए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें रेफर कर दिया जा रहा है। इसके कारण क्षेत्रीय जनता में रोष है। मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा।
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इस अवसर पर जगदीश बिष्ट, मनोहर लाल पहाड़ी, हरि सिंह, प्रेम सिंह रावत, विकास रावत, सर्वेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह व अरविंद रावत आदि मौजूद थे।