{"_id":"59947c694f1c1bdf778b48f2","slug":"181502903401-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदा से भयभीत भाबर के ग्रामीणों ने लगाई सुरक्षा की गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदा से भयभीत भाबर के ग्रामीणों ने लगाई सुरक्षा की गुहार
Updated Wed, 16 Aug 2017 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। भाबर क्षेत्र में दैवीय आपदा से मची तबाही से भयभीत ग्रामीणों ने प्रशासन से मालन नदी के बहाव से ग्रामीणों के जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने नदी के तटीय क्षेत्रों में हो रहे भू कटाव और आवासीय इलाकों में बाढ़ से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है।
बुधवार को किसान संघर्ष मोर्चा के सचिव प्रदीप कंडवाल के नेतृत्व में ग्राम कोटला, गोरखपुर, नंदपुर और पदमपुर मोटाढांक के ग्रामीण तहसील में पहुंचे। उन्होंने एसडीएम से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर मालन नदी की बाढ़ से उनके जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि तीन-चार अगस्त को भारी बारिश और बादल फटने के कारण मालन नदी में बाढ़ के कारण बाएं तट पर बसे सभी ग्रामीणों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आने से बह गई। वर्तमान में क्षेत्र के आवासीय भवन भी नदी की चपेट में आने वाले हैं। बारिश आते ही लोग भयभीत हो रहे हैं, जिसके कारण बच्चों को भी स्कूल नहीं भेज रहे हैं। मालन नदी में एक बार फिर से बाढ़ आने से अनहोनी की आशंका है। उन्होंने नदी तट पर ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की। इस अवसर पर कैलाश चंद्र, बचन सिंह रावत, राकेश बहुखंडी, ममता बहुखंडी, अब्दुल लतीफ, राजीव बिष्ट, शंभू प्रसाद, नंदी देवी, महेंद्र सिंह, बलवंत सिंह व उमेद सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
बुधवार को किसान संघर्ष मोर्चा के सचिव प्रदीप कंडवाल के नेतृत्व में ग्राम कोटला, गोरखपुर, नंदपुर और पदमपुर मोटाढांक के ग्रामीण तहसील में पहुंचे। उन्होंने एसडीएम से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर मालन नदी की बाढ़ से उनके जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि तीन-चार अगस्त को भारी बारिश और बादल फटने के कारण मालन नदी में बाढ़ के कारण बाएं तट पर बसे सभी ग्रामीणों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आने से बह गई। वर्तमान में क्षेत्र के आवासीय भवन भी नदी की चपेट में आने वाले हैं। बारिश आते ही लोग भयभीत हो रहे हैं, जिसके कारण बच्चों को भी स्कूल नहीं भेज रहे हैं। मालन नदी में एक बार फिर से बाढ़ आने से अनहोनी की आशंका है। उन्होंने नदी तट पर ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की। इस अवसर पर कैलाश चंद्र, बचन सिंह रावत, राकेश बहुखंडी, ममता बहुखंडी, अब्दुल लतीफ, राजीव बिष्ट, शंभू प्रसाद, नंदी देवी, महेंद्र सिंह, बलवंत सिंह व उमेद सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन