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काशीरामपुर तल्ला के ग्रामीणों ने खोह नदी से खननकारियों को दौड़ाया
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:36 PM IST
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कोटद्वार। खोह नदी में मशीनों से हो रहे खनन के विरोध में काशीरामपुर तल्ला के ग्रामीणों ने सोमवार को भी लाठी-डंडों के साथ नदी में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने नदी में खनन के लिए पहुंची पोकलैंड-जेसीबी को नदी से बाहर का रास्ता दिखाया और ट्रक और खननकारियों को नदी से दौड़ा दिया। खनन के विरोध में पूर्व में आमरण अनशन पर बैठे राजेश नौटियाल ने एक बार फिर से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने आंदोलन के समर्थन में पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया।
सोमवार को काशीरामपुर तल्ला के ग्रामीण खोह नदी के किनारे आंदोलन स्थल पर एकत्र हुए। नदी में अवैध खनन पर लगी पोकलैंड, जेसीबी और दर्जनों ट्रकों को देखकर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने खोह नदी में पहुंचकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। पूर्व छात्र नेता सूरज प्रसाद कांती ने बताया कि नदी में माहौल उस समय बिगड़ गया, जब नदी में उतरी महिलाओं पर एक ट्रक चालक ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इसके बाद महिलाएं भड़क गईं। उन्होंने हंगामा काटते हुए नदी में खनन के लिए पहुंची मशीनों को नदी से बाहर कर दिया और ट्रक और खननकारियों को खदेड़ना शुरू कर दिया। मामला गरमाता देख ट्रक चालक अपने वाहनों के साथ वहां से भाग गए।
इस बीच पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेेगी नदी में खनन की स्थित देखने पहुंचे। उन्होंने चार मीटर से अधिक खोदे गए गड्ढों पर नाराजगी जताते हुए इसकी खनन सचिव से शिकायत की। प्रशासनिक अधिकारियों से इस बाबत जानकारी ली। इस अवसर पर राजेश नौटियाल ने एक बार फिर से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनके समर्थन में ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने खोह में खनन पर पाबंदी नहीं लगने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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इस अवसर पर प्रकाश ढौंडियाल, तेजू बिष्ट, जगमोहन सिंह नेगी, शैला पांथरी, कमला देवी, सुशीला रावत, पिंकी रावत, अनुसूया रावत, प्रवीण थापा, सतीश रावत, कुलदीप सिंह रावत, बसंती देवी व वीरा चौधरी आदि मौजूद थे।
-फोटो
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सोमवार को काशीरामपुर तल्ला के ग्रामीण खोह नदी के किनारे आंदोलन स्थल पर एकत्र हुए। नदी में अवैध खनन पर लगी पोकलैंड, जेसीबी और दर्जनों ट्रकों को देखकर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने खोह नदी में पहुंचकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। पूर्व छात्र नेता सूरज प्रसाद कांती ने बताया कि नदी में माहौल उस समय बिगड़ गया, जब नदी में उतरी महिलाओं पर एक ट्रक चालक ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इसके बाद महिलाएं भड़क गईं। उन्होंने हंगामा काटते हुए नदी में खनन के लिए पहुंची मशीनों को नदी से बाहर कर दिया और ट्रक और खननकारियों को खदेड़ना शुरू कर दिया। मामला गरमाता देख ट्रक चालक अपने वाहनों के साथ वहां से भाग गए।
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इस बीच पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेेगी नदी में खनन की स्थित देखने पहुंचे। उन्होंने चार मीटर से अधिक खोदे गए गड्ढों पर नाराजगी जताते हुए इसकी खनन सचिव से शिकायत की। प्रशासनिक अधिकारियों से इस बाबत जानकारी ली। इस अवसर पर राजेश नौटियाल ने एक बार फिर से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनके समर्थन में ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने खोह में खनन पर पाबंदी नहीं लगने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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इस अवसर पर प्रकाश ढौंडियाल, तेजू बिष्ट, जगमोहन सिंह नेगी, शैला पांथरी, कमला देवी, सुशीला रावत, पिंकी रावत, अनुसूया रावत, प्रवीण थापा, सतीश रावत, कुलदीप सिंह रावत, बसंती देवी व वीरा चौधरी आदि मौजूद थे।
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