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श्रद्धालुओं ने देवी मंदिरों में की प्रथम शैलपुत्री की पूजा
Updated Wed, 10 Oct 2018 10:33 PM IST
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कोटद्वार। बुधवार को शारदीय नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर घरों में हरियाली बोई और माता की पूजा-अर्चना की। सिद्धपीठ सुखरो देवी मंदिर, सिंदूरा देवी मंदिर, नव दुर्गा मंदिर, संतोषी माता मंदिर, श्रीसिद्धबली बाबा मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, गीता भवन मंदिर, बालाजी मंदिर, दुगड्डा स्थित दुर्गादेवी मंदिर में माता की पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
आचार्य सुधीर ध्यानी ने बताया कि पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण देवी के प्रथम स्वरूप का नाम शैलपुत्री पड़ा। धुमाकोट के बड़ी दीवा , छोटी दीवा मंदिर, गुजड़ूगढ़ी मंदिर, धूमादेवी मंदिर धुमाकोट, दुर्गा मंदिर अदालीखाल, बूंगीदेवी, भौनदेवी आदि देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
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आचार्य सुधीर ध्यानी ने बताया कि पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण देवी के प्रथम स्वरूप का नाम शैलपुत्री पड़ा। धुमाकोट के बड़ी दीवा , छोटी दीवा मंदिर, गुजड़ूगढ़ी मंदिर, धूमादेवी मंदिर धुमाकोट, दुर्गा मंदिर अदालीखाल, बूंगीदेवी, भौनदेवी आदि देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
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