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अभी तक नहीं भरे आपदा के जख्म
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:06 AM IST
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त्रास्ददी
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। वर्ष 2013 में आई आपदा कई लोगों को ऐसे जख्म दे गई जो शायद ही कोई भूला पाए। आपदा आए तीन साल हो चुके हैं लेकिन अपनों की तलाश में इंदौर (मध्यप्रदेश) के पंकज जोशी अब तक दर-दर भटक रहे हैं। इस त्रासदी में उनका पूरा परिवार खत्म हो चुका है। बुधवार को हरिद्वार पहुंचे पंकज जोशी ने आपदा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
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आपदा आने के बाद से इंदौर का एक परिवार लापता चल रहा है। तीन वर्ष पहले वह अपने घर से चारधाम यात्रा के लिए निकले थे। अंतिम बार पंकज जोशी की उनसे बात 15 जून-2013 की रात हुई थी। उस दिन वह सभी रामबाड़ा गांव में थे। तब से आज तक पंकज की उनसे बात नहीं हो पाई है। पंकज अपनी परिवार को मृत मानने को तैैयार नहीं है। उनका कहना है उनके पिता नारायण लाल जोशी, माता रूपी बाई जोशी, भाई मदन लाल जोशी, लीला बाई जोशी, पवन जोशी, ज्योति जोशी, राधिका जोशी, शिवा जोशी, श्री जोशी, कमला पुरोहित, लीला पंड्या व राधे श्याम पंड्या चारधाम यात्रा के लिए निकले थे। उसके बाद श्याम पंड्या यात्रा कर लौटे हैं। पिछले दस दिनों से वह रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग गांव में अपने परिजनों को ढूंढने के लिए भटक रहे हैं। लेकिन पता नहीं चला।
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