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तीन दिन से पानी-बिजली गुल, सड़क भी बही
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हरिद्वार। सूखी नदी किनारे खड़खड़ी इंदिरा विकास कॉलोनी के दर्जनों परिवारों के लिए बारिश आफत बनकर बरसी है। नदी के कटाव से कॉलोनी की सड़क का एक कोना टूटकर बह गया है। कॉलोनी के लिए वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। बिजली के खंभे और पेयजल लाइन भी नदी में समा गई है। इससे शनिवार रात से बिजली-पानी की सप्लाई ठप है। लोग घरों में कैद हैं। नदी के उफनाने से सुरक्षा दीवार भी कमजोर हो रही है। इससे कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। परिवार दहशत में हैं। बिजली-पानी की आपूर्ति सुचारु और कटाव रोकने के लिए काम नहीं हो पा रहा है।
शिवालिक पर्वत मालाओं में बारिश होने पर सूखी नदी उफना जाती है। खड़खड़ी में सूखी नदी के दोनों तरफ सैकड़ों मकान बने हैं। शनिवार रात मूसलाधार बारिश से नदी उफान पर आ गई। नदी के कटाव से सूखी नदी पर बने पुल के पास खड़खड़ी इंदिरा विकास कॉलोनी क्षेत्र को जाने वाली सड़क का एक हिस्सा टूटकर बह गया। इससे कॉलोनी के लिए वाहनों का आवागमन बंद हो गया। जिस जगह पर सड़क टूटकर बही, वहां बिजली के दो खंभे और पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त होकर नदी में समा गई। इससे शनिवार रात से ही इलाके में पानी और बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। गुड्डू का मकान पूरी तरह खतरे की जद में है, जबकि कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।
बिजली विभाग ने अस्थायी ट्रांसफार्मर लगाकर रविवार को आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन नदी में समाए खंभों के साथ बिजली की लाइन भी चली गई। लाइन नहीं जुड़ने से आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। सिंचाई विभाग ने भी जलस्तर कम होने पर नदी में जेसीबी उतारी। कटाव रोकने के लिए मिट्टी डाली, लेकिन सोमवार की बारिश में फिर मिट्टी बह गई।
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शनिवार रात से बिजली-पानी सब बंद है। पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कॉलोनी के बाहर आश्रम और सरकारी नलों से पानी भरकर ढोने को मजबूर हैं। -महक
नदी का जस्तर बढ़ते ही परिवार दहशत में आ रहे हैं। नदी का जलस्तर कॉलोनी की सड़क की रेलिंग तक छू रहा है। कटाव हुआ तो कॉलोनी की पूरी सड़क नदी में समा जाएगी। -किरण ठाकुर
बिजली नहीं आने से पेयजल भी बाधित है। रविवार को बिजली विभाग के कर्मचारी आए, लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं हुई। खंभों के साथ कॉलोनी की लाइन भी नदी में बह गई है। -तुलसी
कॉलोनी के मुख्य द्वार पर सड़क का हिस्सा टूटने से लोग दोपहिया वाहन तक नहीं निकल पा रहे हैं। लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। सड़क कब तक बनेगी, कोई बताने वाला नहीं है। -आशीष कुमार
-कॉलोनी में कई आटो और ई रिक्शा चालक रहते हैं। सड़क टूटने के बाद कोई भी वाहन कॉलोनी से बाहर नहीं निकल पा रहा है। आटो और ई-रिक्शा चालकों के साथ रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। -किशन लाल
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नदी में हाईटेंशन लाइन का खंभा बना ठोकर
हरिद्वार। खड़खड़ी पुल के पास सूखी नदी के बीच में हाईटेंशन लाइन का खंभा खड़ा है। पिछले दिनों उसकी मजबूती के लिए चारों तरफ से सीमेंट का चबूतरा बना दिया है। इससे नदी का पानी चबूतरे पर टकरा रहा है और बहाव कॉलोनी की सड़क की सुरक्षा दीवार पर टकरा रहा है। इसी बहाव से सुरक्षा दीवार पर कटाव हुआ है।
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शिवालिक पर्वत मालाओं में बारिश होने पर सूखी नदी उफना जाती है। खड़खड़ी में सूखी नदी के दोनों तरफ सैकड़ों मकान बने हैं। शनिवार रात मूसलाधार बारिश से नदी उफान पर आ गई। नदी के कटाव से सूखी नदी पर बने पुल के पास खड़खड़ी इंदिरा विकास कॉलोनी क्षेत्र को जाने वाली सड़क का एक हिस्सा टूटकर बह गया। इससे कॉलोनी के लिए वाहनों का आवागमन बंद हो गया। जिस जगह पर सड़क टूटकर बही, वहां बिजली के दो खंभे और पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त होकर नदी में समा गई। इससे शनिवार रात से ही इलाके में पानी और बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। गुड्डू का मकान पूरी तरह खतरे की जद में है, जबकि कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।
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बिजली विभाग ने अस्थायी ट्रांसफार्मर लगाकर रविवार को आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन नदी में समाए खंभों के साथ बिजली की लाइन भी चली गई। लाइन नहीं जुड़ने से आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। सिंचाई विभाग ने भी जलस्तर कम होने पर नदी में जेसीबी उतारी। कटाव रोकने के लिए मिट्टी डाली, लेकिन सोमवार की बारिश में फिर मिट्टी बह गई।
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शनिवार रात से बिजली-पानी सब बंद है। पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कॉलोनी के बाहर आश्रम और सरकारी नलों से पानी भरकर ढोने को मजबूर हैं। -महक
नदी का जस्तर बढ़ते ही परिवार दहशत में आ रहे हैं। नदी का जलस्तर कॉलोनी की सड़क की रेलिंग तक छू रहा है। कटाव हुआ तो कॉलोनी की पूरी सड़क नदी में समा जाएगी। -किरण ठाकुर
बिजली नहीं आने से पेयजल भी बाधित है। रविवार को बिजली विभाग के कर्मचारी आए, लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं हुई। खंभों के साथ कॉलोनी की लाइन भी नदी में बह गई है। -तुलसी
कॉलोनी के मुख्य द्वार पर सड़क का हिस्सा टूटने से लोग दोपहिया वाहन तक नहीं निकल पा रहे हैं। लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। सड़क कब तक बनेगी, कोई बताने वाला नहीं है। -आशीष कुमार
-कॉलोनी में कई आटो और ई रिक्शा चालक रहते हैं। सड़क टूटने के बाद कोई भी वाहन कॉलोनी से बाहर नहीं निकल पा रहा है। आटो और ई-रिक्शा चालकों के साथ रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। -किशन लाल
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नदी में हाईटेंशन लाइन का खंभा बना ठोकर
हरिद्वार। खड़खड़ी पुल के पास सूखी नदी के बीच में हाईटेंशन लाइन का खंभा खड़ा है। पिछले दिनों उसकी मजबूती के लिए चारों तरफ से सीमेंट का चबूतरा बना दिया है। इससे नदी का पानी चबूतरे पर टकरा रहा है और बहाव कॉलोनी की सड़क की सुरक्षा दीवार पर टकरा रहा है। इसी बहाव से सुरक्षा दीवार पर कटाव हुआ है।