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यूपी की बसों को खड़े होने से रोका
जोगेंद्र सिंह मावी हरिद्वार
Updated Tue, 21 Mar 2017 10:46 PM IST
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हरिद्वार रोडवेज बस स्टैंड में यूपी तथा उत्तराखंड के परिवहन निगम के अधिकारी-कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। हरिद्वार बस स्टैंड के अधिकारियों ने यूपी की बसों को परिसर के अंदर बने प्लेटफार्म पर खड़े होने से रोक दिया है। हालांकि बसें परिसर में तो आती हैं, लेकिन उनके चालक प्लेटफार्म से यात्री नहीं बैठा सकते हैं।
हरिद्वार रोडवेज स्टैंड परिसर में सोमवार से यूपी की बसों को प्लेटफार्म पर खड़ा नहीं होने दिया जा रहा है। इसके लिए दस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इससे मजबूर यूपी के चालक- परिचालक बसों में यात्रियों को नहीं बैठा पा रहे हैं। हरिद्वार डिपो के एआरएम ने बताया कि यहां प्रतिदिन यूपी रोडवेज की करीब 600 बसें आती हैं। इनके पास प्रदेश में आने का परमिट नहीं है। इनकी अधिकता से उत्तराखंड परिवहन की बसों को यात्री नहीं मिल पाते हैं। इससे डिपो को लाभ नहीं हो रहा है। वहीं यूपी के स्टेशन प्रभारी परमिट जैसी कोई नीति न होने की बात का हवाला दे रहे हैं। उनकी मानें तो यूपी की बसे प्लेटफार्म पर तभी लगाई जाती है जब उत्तराखंड की बसें संबंधित रूट से गंतव्य को रवाना हो जाती है। इस मामले में दोनों प्रदेशों के उच्चाधिकारिायों को रिपोर्ट भी भेज दी है।
प्लेटफार्म नंबर 15
नजीबाबाद, बिजनौर, कोटद्वार रूट की बसें रवाना होती है। यहां से यूपी और उत्तराखंड की बसें मिनट टू मिनट रवाना होती रहती हैं। उत्तराखंड का सबसे अधिक व्यस्त शेडयूल होने से इस प्लेटफार्म पर यूपी की बसों को पूरी तरह से खड़ा होने से रोक दिया है।
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प्लेटफार्म नंबर 16
इस प्लेटफार्म से लखनऊ, कानपुर, बरेेली एवं मुरादाबाद के लिए बसें रवाना होती है। उत्तराखंड की बसों का समय यहां से दोपहर एक से 4 बजे तक है। इस समय में यूपी की कोई बसें नहीं है। यूपी की बसें सुबह 9.30 बजे कानपुर, 10 बजे लखनऊ, 10.30 बजे कानपुर, 11 बजे कानपुर, 11.30 बजे हमीरपुर एवं महोबा, 12.30 बजे फजलगढ़ के लिए, 4 से 5 बजे तक कानपुर के लिए जाती है।
प्लेटफार्म नंबर 18
इस प्लेटफार्म से आगरा, मथुरा एवं अलीगढ़ के लिए बसों का संचालन होता है। यहां से उत्तराखंड की दो बसें सुबह 8.30 बजे जयपुर एवं मथुरा के जाती है। इसके बाद यहां पर यूपी की बसें लगती है, लेकिन पूरे दिन यहां पर बसों को लगाने नहीं दे रहे है।
पूरा स्टाफ लगाया
मंगलवार को यूपी की बसों को प्लेटफार्म पर खड़े होने से रोकने को दस कर्मचारियों का स्टाफ लगाया गया। जिसमें विनोद कुमार, जल सिंह, प्रवीण सैनी, वेद प्रकाश, श्योराज, रामफल आदि को लगाया गया। विनोद कुमार ने बताया कि प्रदेश की रोडवेज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
वर्जन
रोडवेज बसों का संचालन उत्तराखंड बनने से पहले के नियम के अनुसार ही संचालित है। ऐसा कोई प्रावधान नहीं बन सका है कि यूपी की बसें कितनी आए और कितनी बसें उत्तराखंड की यूपी में जाए। दो दिनों से बसों को प्लेटफार्म पर खड़ा होने से रोकने की रिपोर्ट यूपी में अधिकारियों को भेज दी गई है। अभी कोई निर्देश यूपी से नहीं आया है।
सुशील पांडे, हरिद्वार स्टेशन प्रभारी, उत्तर प्रदेश।
यूपी की बसों की संख्या और चक्कर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। डिपो में प्रत्येक प्लेटफार्म से लेकर सभी रूटों पर कब्जा किए हुए हैं। बार-बार अवगत कराने के बाद नहीं मानने पर अब यूपी की बसों को प्लेटफार्म पर आने से रोकना शुरू कर दिया है। यह क्रम स्थिति न सुधरने तक जारी रहेगा। एसएस चौहान, सहायक महाप्रबंधक, हरिद्वार रोडवेज स्टेशन।
हरिद्वार रोडवेज स्टैंड परिसर में सोमवार से यूपी की बसों को प्लेटफार्म पर खड़ा नहीं होने दिया जा रहा है। इसके लिए दस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इससे मजबूर यूपी के चालक- परिचालक बसों में यात्रियों को नहीं बैठा पा रहे हैं। हरिद्वार डिपो के एआरएम ने बताया कि यहां प्रतिदिन यूपी रोडवेज की करीब 600 बसें आती हैं। इनके पास प्रदेश में आने का परमिट नहीं है। इनकी अधिकता से उत्तराखंड परिवहन की बसों को यात्री नहीं मिल पाते हैं। इससे डिपो को लाभ नहीं हो रहा है। वहीं यूपी के स्टेशन प्रभारी परमिट जैसी कोई नीति न होने की बात का हवाला दे रहे हैं। उनकी मानें तो यूपी की बसे प्लेटफार्म पर तभी लगाई जाती है जब उत्तराखंड की बसें संबंधित रूट से गंतव्य को रवाना हो जाती है। इस मामले में दोनों प्रदेशों के उच्चाधिकारिायों को रिपोर्ट भी भेज दी है।
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प्लेटफार्म नंबर 15
नजीबाबाद, बिजनौर, कोटद्वार रूट की बसें रवाना होती है। यहां से यूपी और उत्तराखंड की बसें मिनट टू मिनट रवाना होती रहती हैं। उत्तराखंड का सबसे अधिक व्यस्त शेडयूल होने से इस प्लेटफार्म पर यूपी की बसों को पूरी तरह से खड़ा होने से रोक दिया है।
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प्लेटफार्म नंबर 16
इस प्लेटफार्म से लखनऊ, कानपुर, बरेेली एवं मुरादाबाद के लिए बसें रवाना होती है। उत्तराखंड की बसों का समय यहां से दोपहर एक से 4 बजे तक है। इस समय में यूपी की कोई बसें नहीं है। यूपी की बसें सुबह 9.30 बजे कानपुर, 10 बजे लखनऊ, 10.30 बजे कानपुर, 11 बजे कानपुर, 11.30 बजे हमीरपुर एवं महोबा, 12.30 बजे फजलगढ़ के लिए, 4 से 5 बजे तक कानपुर के लिए जाती है।
प्लेटफार्म नंबर 18
इस प्लेटफार्म से आगरा, मथुरा एवं अलीगढ़ के लिए बसों का संचालन होता है। यहां से उत्तराखंड की दो बसें सुबह 8.30 बजे जयपुर एवं मथुरा के जाती है। इसके बाद यहां पर यूपी की बसें लगती है, लेकिन पूरे दिन यहां पर बसों को लगाने नहीं दे रहे है।
पूरा स्टाफ लगाया
मंगलवार को यूपी की बसों को प्लेटफार्म पर खड़े होने से रोकने को दस कर्मचारियों का स्टाफ लगाया गया। जिसमें विनोद कुमार, जल सिंह, प्रवीण सैनी, वेद प्रकाश, श्योराज, रामफल आदि को लगाया गया। विनोद कुमार ने बताया कि प्रदेश की रोडवेज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
वर्जन
रोडवेज बसों का संचालन उत्तराखंड बनने से पहले के नियम के अनुसार ही संचालित है। ऐसा कोई प्रावधान नहीं बन सका है कि यूपी की बसें कितनी आए और कितनी बसें उत्तराखंड की यूपी में जाए। दो दिनों से बसों को प्लेटफार्म पर खड़ा होने से रोकने की रिपोर्ट यूपी में अधिकारियों को भेज दी गई है। अभी कोई निर्देश यूपी से नहीं आया है।
सुशील पांडे, हरिद्वार स्टेशन प्रभारी, उत्तर प्रदेश।
यूपी की बसों की संख्या और चक्कर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। डिपो में प्रत्येक प्लेटफार्म से लेकर सभी रूटों पर कब्जा किए हुए हैं। बार-बार अवगत कराने के बाद नहीं मानने पर अब यूपी की बसों को प्लेटफार्म पर आने से रोकना शुरू कर दिया है। यह क्रम स्थिति न सुधरने तक जारी रहेगा। एसएस चौहान, सहायक महाप्रबंधक, हरिद्वार रोडवेज स्टेशन।