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परिवहन निगमों का विवाद यात्रियों पर भारी

Wed, 22 Mar 2017 09:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Wed, 22 Mar 2017 09:09 PM IST
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उत्तर प्रदेश और हिमाचल के साथ बसों के संचालन को लेकर चल रहा विवाद दूसरे दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को भी उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों ने दोनों प्रदेशों की बसों को रोडवेज परिसर के अंदर खड़ा नहीं होने दिया। इतना ही नहीं इन राज्यों की बसों में सवारियां नहीं बिठाने दी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनती रही। इस पूरे विवाद के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब मामला बढ़ने पर तीनों प्रदेशों के उच्च अधिकारियों ने संज्ञान में लेते हुए 25 मार्च को देहरादून में बैठक करने का निर्णय लिया है।

बुधवार को उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों ने अनुबंध से अधिक बसों का संचालन होने पर यूपी की बसों को हरिद्वार रोडवेज परिसर में खड़ा नहीं होने दिया था। कर्मचारियों का कहना था कि यूपी की अधिक बसें चलने से हरिद्वार डिपो का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बसों के संचालन को लेकर उठा यह विवाद बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। रोडवेज बस अड्डा परिसर में यूपी की जितनी बसें पहुंची उन्हें न तो प्लेटफार्म खड़ा होने दिया और सवारियां बिठाने दी। हरिद्वार डिपो के चालक-परिचालक, मैकेनिक, लिपिक सहित अन्य स्टाफ यूपी की बसों के खिलाफ एकजुट हो गए। यूपी के चालक परिचालक जैसे ही बस को लेकर प्लेटफार्म पर पहुंचने का प्रयास करते तो उन्हें परमिट दिखाने को कहा जाता, लेकिन परमिट न होने के चलते हुए उन्हें प्लेटफार्म पर बसें नहीं लगने दी। यूपी के चालक-परिचालक भी विरोध में एकजुट हो गए। कई बार विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत तक आ गई।  
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हिमाचल की दोगुनी बसें हो रही संचालित
हिमाचल प्रदेश की डिपो की बसें भी तय सीमा से अधिक आ रही हैं। हरिद्वार डिपो के अधिकारियों की माने तो हिमाचल की 20 बसों का अनुबंध है और उन्हें प्लेटफार्म 5 व 6 आवंटित है। हिमाचल प्रदेश के हरिद्वार स्टेशन प्रभारी दिलबाग सिंह की माने तो इस साल 34 बसों का अनुबंध हुआ है और वे बसें ही आ रही हैं। फिलहाल यूपी की तरह उनकी बसों को भी 6 नंबर प्लेटफार्म पर खड़ा नहीं होने दिया जा रहा है। इसके विपरीत स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल 40 बसों से अधिक पहुंच रही हैं और अनुबंध 20 का ही है।
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यूपी में उत्तराखंड की बसें रोकी
हरिद्वार डिपो में यूपी की बसों को प्लेटफार्म पर लगने से रोकने की आग यूपी में पहुंच गई है। यूपी में कई शहरों के  देहरादून, हरिद्वार डिपो की बसों को रोका गया है। एआरएम एसएस चौहान ने बताया कि आगरा, कानपुर, टनकपुर, मुरादाबाद में बसों को अड्डे पर प्रवेश करने से रोका गया है, जबकि वे बसें परमिट की हैं।


दो महीने से नहीं मिली तनख्वाह
चालक-परिचालक संघ के पदाधिकारियों ने यूपी परिवहन निगम के साथ एआरटीओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी कहते है कि कमाई लाओ, लेकिन यूपी की बसों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिसके चलते हुए उन्हें मैदान में उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि एआरटीओ भी कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। लोकेंद्र रोड ने बताया कि दो महीने से तनख्वाह नहीं मिल सकी है और अधिकारियों से पूछते है तो वो कमाई न होने की बात करते है। उन्होंने चेतावनी दी जब तक यूपी की बसों का समाधान और तनख्वाह नहीं मिलेगी तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर जल सिंह प्रधान, मोहर सिंह, वेदप्रकाश, नवनीत सैनी, श्योराज सिंह, जनेश्वर, तेजवीर, बिजेंद्र, ब्रजेश, चरण सिंह, विनोद, सुरेश चंद आदि शामिल हुए।

यूपी, हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों से अनुबंध के अनुसार ही बसें भेजने को कहा है, लेकिन वे अनसुनी कर रहे हैं। डिपो का स्टाफ की बसों की कमाई के प्रति जवाबदेही तय की जाती है। कमाई न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होने पर यह निर्णय लेना पड़ा है। 25 मार्च की बैठक तक उन्हें संतोष रखने को कहा गया है, लेकिन वे नहीं मान रहे हैं। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है।

- एसएस चौहान, सहायक महाप्रबंधक, हरिद्वार रोडवेज स्टेशन।             

अधिकारियों को अवगत कराने पर उन्होंने उत्तराखंड के आला अधिकारियों से इस संदर्भ में वार्ता करते हुए 25 मार्च का दिन बैठक करने का नियत किया है। जिसमें दोनों बसों के आवागमन की स्थिति साफ हो जाएगी। इन बीच में तीन दिनों तक हरिद्वार डिपो के एआरएम से पूर्ववत की भांति बसें चलने को कहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। हरिद्वार डिपो का स्टाफ मारपीट करने पर उतारू है।
सुशील पांडे, हरिद्वार स्टेशन प्रभारी, उत्तर प्रदेश।  
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