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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   The brothers were burned alive on the highway

हाईवे पर जिंदा जलने वाले सगे भाई थेे

Fri, 20 Jan 2017 09:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Fri, 20 Jan 2017 09:44 PM IST
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हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर बृहस्पतिवार देर रात हुए दिल दहला देने वाले हादसे में जिंदा जले गाजीवाली गांव के सगे भाई अर्जुन पाल और नीरज थे। जबकि अर्जुन पाल का साला विष्णु (जिला रुद्रप्रयाग निवासी) की जान बच गई। दुर्घटनाग्रस्त कार मालिक का अभी पता नहीं चल पाया है।

बृहस्पतिवार देर रात गांव गाजीवाली के समीप कार और मोटरसाइकिल की भिड़ंत के बाद दो युवक जिंदा जल गए थे। दुर्घटनास्थल के पास एक किशोर घायल अवस्था में मिला था। देर रात बाइक के नंबर के आधार पर मृतकों की पहचान अर्जुन पाल (32) और दिनेश (21) पुत्रगण लेखराम निवासी गांव गाजीवाली के रूप में हुई थी। जबकि घायल की पहचान मृतक अर्जुन के साले विष्णु (16) पुत्र हीरालाल निवासी सीतापुर, गौरीकुंड, रुद्रप्रयाग के रूप में हुई। थानाध्यक्ष प्रदीप तोमर ने बताया कि कार मालिक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। कार पर धुंधला नंबर वेस्ट यूपी के एक जिले का लगता है। इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर पड़ताल की जा रही है। एक विक्षिप्त खुद को कार का मालिक बता रहा है, उस संबंध में भी जांच की जा रही है।
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शोक में डूबा गांव
जैसे ही सगे भाइयों के जिंदा जलने की खबर गाजीवाली में पहुंची तो पूरा गांव शोक में डूब गया। शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। हर कोई पिता लेखराम को ढाढ़स बंधा रहा था। दोपहर बाद शवों को घर ले जाया गया तो हर किसी की आंखें नम हो गई। गांव के श्मशान घाट पर दोनों सगे भाइयों की चिता एक साथ जली। परिवार और रिश्तेदारों का रो रोकर बुरा हाल है।
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चले थे इंसानियत की राह, मिली मौत
इंसानियत की खातिर हाड़ कंपा देने वाली ठंड में घर से निकले दोनों भाइयों को क्या पता था कि मौत उनका इंतजार कर रही है। यह बात शुक्रवार को गांव के हर व्यक्ति की जुबां पर थी।

गाजीवाली के रहने वाले अर्जुन और नीरज के घर के पास एक सामाजिक संस्था का छात्रावास है। बृहस्पतिवार देर रात एक बालिका छात्रावास से गायब हो गई। छात्रावास प्रबंधन के लोग अर्जुन के घर जाकर मदद मांगने पहुंचे। उसी पल अर्जुन अपने छोटे भाई नीरज और साले के साथ बाइक पर सवार होकर बालिका को खोजने निकल पड़ा। सभी को उम्मीद थी कि हाईवे पर बालिका मिल सकती है। इसलिए उन्होंने सबसे पहले हाईवे का रुख किया। गांव से निकलते ही बिजनौर की ओर से आ रही कार ने अपनी चपेट में इनकी बाइक को ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि काफी दूर तक कार बाइक समेत उन्हें घसीटते हुए ले गई और फिर आग लग गई। यह बात अर्जुन के साले घायल विष्णु ने बताई। विष्णु ने बताया कि जब टक्कर हुई उसके बाद होश न रहा। जिला अस्पताल में उसे होश आया। विष्णु की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घर में गूंजनी थी किलकारी और शहनाई     
दिहाड़ी मजदूरी करने वाले अर्जुन की दो छोटी बेटियां है। उसकी पत्नी अंजली गर्भवती। बृहस्पतिवार रात उसे हादसे की जानकारी नहीं दी गई। शुक्रवार सुबह दी गई। अंजली का रो रो कर बुरा हाल है। हर गांववाला उसकी बेटी जाहन्वी (5) और ईशु (3) को देखकर लंबी सांस भर रहा है। पेशे से राजमिस्त्री छोटे भाई नीरज की शादी मार्च में होनी थी। हरिपुर कलां की युवती के संग सगाई हुई थी। होमगार्ड लेखराम का सबसे बड़ा बेटा अर्जुन था, उससे छोटा मनीष, फिर नीरज और चौथा विवेक है। मनीष भी हिमाचल प्रदेश में एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत है और विवेक पढ़ाई कर रहा है।
    
दामाद को खोया, बेटे की जान बची     
हरिद्वार। जिला अस्पताल परिसर में मौजूद अर्जुन के ससुर हीरालाल कभी वार्ड की तरफ दौड़ते हैं तो कभी गांववालों के बीच आ खड़े होते हैं। बेटी का सुहाग उजड़ गया। मौत को चकमा देकर बच निकले इकलौते बेटे विष्णु के चेहरे को देखकर खुद के चेहरे पर शांत भाव आ जाते हैं। उनकी पांच बेटियां हैं। वे इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स आए थे। ऋषिकेश में लेखराम की बड़ी बहन रहती है। लेकिन, सर्दी अधिक लगने के कारण दामाद के घर चले आए थे। वे बृहस्पतिवार को ही पहुंचे थे।

एक विक्षिप्त बोला मैं मारुति का चालक     
 मारुति कार के चालक की तलाश में पुलिस अभी जुटी ही थी कि शुक्रवार दोपहर पीली नदी के पास घायलवस्था में मिले एक युवक ने खुद को कार का चालक बताया। पुलिस उसकी बात को हजम नहीं कर पा रही है। पहनावे से विक्षिप्त प्रतीत हो रहे है युवक ने पूरी घटना के संबंध में सिलसिलेवार जानकारी दी। पूछे जाने पर बताया कि वह इसलिए किसी को बचा नहीं पाया क्योंकि कार में आग लग गई थी। बकौल पुलिस कि युवक ने पीली नदी के पुल से छलांग लगा दी थी। उसे घायल अवस्था में अब जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसओ प्रदीप तोमर का कहना है कि इस संबंध में जांच कर रहे हैं।

 
पेट्रोल की टंकी फटने से हुआ हादसा      
 बाइक की टंकी फटने से हादसा हुआ। बकौल पुलिस कि दुर्घटना के तुरंत बाद बाइक की पेट्रोल की टंकी फट गई और दोनों भाई कार के आगे फंसे रहने के कारण जिंदा जल गए। उन्हें अपनी जान बचाने का मौका नहीं मिला। एक भाई का शव तो बाइक के पास पड़ा मिला है जबकि दूसरे का शव कुछ कदम की दूरी पर मिला।
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