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रायवाला से भोगपुर के बीच गंगा में चल रहा अवैध खनन : शिवानंद
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Iमातृसदन के परमाध्यक्ष ने लगाया आरोप, कहा, हाईकाेर्ट के आदेशों का नहीं हो रहा पालनI
मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा में खनन संबंधी कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। जिससे रायवाला से लेकर भोगपुर तक अवैध खनन बड़े स्तर पर चल रहा है।
जगजीतपुर स्थित मातृसदन आश्रम में पत्रकारों से वार्ता में शिवानंद सरस्वती ने कहा कि हरिद्वार में रायवाला से भोगपुर के बीच गंगा में चल रही अवैध खनन गतिविधियों पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अपने आदेश 16 मार्च 2022 से रोक लगा दी थी, लेकिन हरिद्वार में गंगा के किनारे लगे स्टोन क्रशरों को बंद करने के संबंध में निर्देश का पालन नहीं किया गया। इससे गंगा और कृषि भूमि पर भारी मात्रा में अवैध खनन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इसकी विस्तृत रिपोर्ट दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ 27 मार्च 2024 को (एनएमसीजी) राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को आवश्यक कार्रवाई के लिए दी गई थी। इसी मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चार अप्रैल 2024 को सुनवाई के दौरान आदेश पारित किए। हरिद्वार में अवैध खनन की जांच के लिए दो कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए गए। जांच में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भी रखा गया।
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वह हरिद्वार जिले के लालढांग, भिक्कमपुर, बिशनपुर कुंडी और बिशनपुर क्षेत्रों में कुछ साइटों पर गए, मगर गंभीर बात यह है कि जांच दल में राज्य सरकार के कर्मचारियों की मौजूदगी न्यायालय की ओर से जारी निर्देशों की सीधी अवमानना है, क्योंकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया था कि यह एक ''''तटस्थ'''' निरीक्षण होना चाहिए, इसलिए उच्च न्यायालय इस बात का तत्काल स्वत:’ संज्ञान लेकर अवमानना का मुकदमा चलाए।
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा में खनन संबंधी कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। जिससे रायवाला से लेकर भोगपुर तक अवैध खनन बड़े स्तर पर चल रहा है।
जगजीतपुर स्थित मातृसदन आश्रम में पत्रकारों से वार्ता में शिवानंद सरस्वती ने कहा कि हरिद्वार में रायवाला से भोगपुर के बीच गंगा में चल रही अवैध खनन गतिविधियों पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अपने आदेश 16 मार्च 2022 से रोक लगा दी थी, लेकिन हरिद्वार में गंगा के किनारे लगे स्टोन क्रशरों को बंद करने के संबंध में निर्देश का पालन नहीं किया गया। इससे गंगा और कृषि भूमि पर भारी मात्रा में अवैध खनन हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि इसकी विस्तृत रिपोर्ट दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ 27 मार्च 2024 को (एनएमसीजी) राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को आवश्यक कार्रवाई के लिए दी गई थी। इसी मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चार अप्रैल 2024 को सुनवाई के दौरान आदेश पारित किए। हरिद्वार में अवैध खनन की जांच के लिए दो कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए गए। जांच में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भी रखा गया।
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वह हरिद्वार जिले के लालढांग, भिक्कमपुर, बिशनपुर कुंडी और बिशनपुर क्षेत्रों में कुछ साइटों पर गए, मगर गंभीर बात यह है कि जांच दल में राज्य सरकार के कर्मचारियों की मौजूदगी न्यायालय की ओर से जारी निर्देशों की सीधी अवमानना है, क्योंकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया था कि यह एक ''''तटस्थ'''' निरीक्षण होना चाहिए, इसलिए उच्च न्यायालय इस बात का तत्काल स्वत:’ संज्ञान लेकर अवमानना का मुकदमा चलाए।