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बरसी बारिश, बढ़ी ठंड, खिले चेेहरे
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 07 Jan 2017 10:07 PM IST
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Scotty are going to get wet in the rain on Saturday, the women riders.
- फोटो : amarujala
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शुक्रवार देर शाम साढे़ आठ बजे बादलों के बरसने से मौसम में ठंडक बढ़ गई तो किसानों के चेहरे खिल गए हैं। सर्दी की यह बारिश रबी की फसल के लिए अमृत बन कर आई है। रात को भी हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना बनी हुई है।
बारिश से दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक देखी गई। सर्दियों में आम सीजन के मुकाबले बिकने वाले गर्म कपड़ों की काफी मंदी चल रही थी। तापमान में गिरावट होने से खरीदरी बढ़ने की उम्मीद से दुकानदारों को लाभ होने की संभावना बनी है। पिछले दो दिन से ही ठंडी हवा चल रही है। बृहस्पतिवार को जहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था वहां अब तापमान में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री की गिरावट के साथ 6 डिग्री तक पहुंच गया। एनआईएच रुड़की के मौसम वैज्ञानिक डा. मनोहर अरोडा ने बताया कि रविवार को बादल छाए रहेंगे। ठंड़ दस्तूर जारी रहेगी। बताया कि पहाड़ों में पड़ रही बर्फ से मौसम मेेें सुन्नी छायी बनी रहेगी।
फसल के लिए अमृत बनी बारिश
कोहरे व गिर रही ओंस के कारण दलहनी व तिलहनी फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। खासकर आलू की फसल में झुलसा रोग लगना शुरू हो गया था। अगेती सरसों के फूल भी झड़ रहे थे। दलहनी व तिलहनी फसलों में अगेती फसलों को छोड़ दें तो पिछेती फसल मसूर, सरसों आदि में पानी की आवश्यकता बनी हुई है। ऐसे में आसमान में छाई बदली बारिश में परिवर्तित हुई तो किसानों को सिंचाई का फायदा हुआ है। गेहूं में भी दूसरी सिंचाई की जरूरत पूरी हो गई। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां पानी की स्थिति शून्य बनी हुई है। वहां के किसानों को बारिश का भरपूर लाभ मिलेगा। दूसरी ओर श्यामपुर प्रतिनिधि के अनुसार बारिश होने से श्यामपुर क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। कांगडी, गाजीवाली, श्यामपुर, सजनपुर पीली, पीलीपड़ाव, टाटवाला और गैंडीखाता आदि गांवों में रविवार की सुबह से ही बारिश पड़ने से क्षेत्र में किसानों को खुशी की लहर है। किसान बबलू पाल,मुन्नू, गंगाधर, नरेश पाल, सतपाल, सोनू, देवेंद्र आदि का कहना है कि खेत में गेहूं की फसल को पानी की जरूरत थी। बारिश होने से गेहूं की फसल को पानी मिल गया है।
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धनौरी प्रतिनिध्रि के अनुसार बारिश से क्षेत्र के किसानों को भी काफी फायदा हुआ। किसान रामभज ,फूलसिंह, नकलीराम सैनी, जानआलम, रहीस, करण सिंह, ओमपाल रोड, पवन पाल, सोनू सैनी आदि का कहना है कि बारिश होने से किसानों को आर्थिक लाभ के साथ समय की भी बचत हो रही है । कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डा. पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि यह बारिश रबी की फसलों के लिए लाभदायक है। गेहूं की फसल में आवश्कतानुसार खाद का प्रयोग करें। बागवानी के लिए यह बारिश अतिमहत्वपूर्ण है ।
गर्म कपड़ों की खरीदारी बढ़ी
अचानक ठंड़ बढ़ने से बाजार में ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ गई है। लोगों ने बच्चों के लिए ऊनी कपड़ों की खरीदारी की। इसके अलावा रुई की भी मांग में बढ़ोत्तरी हो गई है। कपड़ा व्यवसायी संदीप कपूर की मानें तो पिछले साल की अपेक्षा इस बार ऊनी कपड़ों के दाम भी काफी बढ़े हुए हैं। इस बार अभी से ठंड अधिक पड़ने से गर्म कपड़ों की अच्छी उठान होने की उम्मीद है। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों की खरीददारी कर रहे हैं। रेडीमेड दुकानों पर सेल और ठेले पर बिकने वाले कपड़ों की तरफ भी लोग आकर्षित हो रहे हैं। रानीपुर मोड, झंड़ा चौक कनखल, मोती बाजार, ज्वालापुर के कटहरा बाजार आदि में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ी है।
बारिश से दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक देखी गई। सर्दियों में आम सीजन के मुकाबले बिकने वाले गर्म कपड़ों की काफी मंदी चल रही थी। तापमान में गिरावट होने से खरीदरी बढ़ने की उम्मीद से दुकानदारों को लाभ होने की संभावना बनी है। पिछले दो दिन से ही ठंडी हवा चल रही है। बृहस्पतिवार को जहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था वहां अब तापमान में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री की गिरावट के साथ 6 डिग्री तक पहुंच गया। एनआईएच रुड़की के मौसम वैज्ञानिक डा. मनोहर अरोडा ने बताया कि रविवार को बादल छाए रहेंगे। ठंड़ दस्तूर जारी रहेगी। बताया कि पहाड़ों में पड़ रही बर्फ से मौसम मेेें सुन्नी छायी बनी रहेगी।
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फसल के लिए अमृत बनी बारिश
कोहरे व गिर रही ओंस के कारण दलहनी व तिलहनी फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। खासकर आलू की फसल में झुलसा रोग लगना शुरू हो गया था। अगेती सरसों के फूल भी झड़ रहे थे। दलहनी व तिलहनी फसलों में अगेती फसलों को छोड़ दें तो पिछेती फसल मसूर, सरसों आदि में पानी की आवश्यकता बनी हुई है। ऐसे में आसमान में छाई बदली बारिश में परिवर्तित हुई तो किसानों को सिंचाई का फायदा हुआ है। गेहूं में भी दूसरी सिंचाई की जरूरत पूरी हो गई। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां पानी की स्थिति शून्य बनी हुई है। वहां के किसानों को बारिश का भरपूर लाभ मिलेगा। दूसरी ओर श्यामपुर प्रतिनिधि के अनुसार बारिश होने से श्यामपुर क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। कांगडी, गाजीवाली, श्यामपुर, सजनपुर पीली, पीलीपड़ाव, टाटवाला और गैंडीखाता आदि गांवों में रविवार की सुबह से ही बारिश पड़ने से क्षेत्र में किसानों को खुशी की लहर है। किसान बबलू पाल,मुन्नू, गंगाधर, नरेश पाल, सतपाल, सोनू, देवेंद्र आदि का कहना है कि खेत में गेहूं की फसल को पानी की जरूरत थी। बारिश होने से गेहूं की फसल को पानी मिल गया है।
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धनौरी प्रतिनिध्रि के अनुसार बारिश से क्षेत्र के किसानों को भी काफी फायदा हुआ। किसान रामभज ,फूलसिंह, नकलीराम सैनी, जानआलम, रहीस, करण सिंह, ओमपाल रोड, पवन पाल, सोनू सैनी आदि का कहना है कि बारिश होने से किसानों को आर्थिक लाभ के साथ समय की भी बचत हो रही है । कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डा. पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि यह बारिश रबी की फसलों के लिए लाभदायक है। गेहूं की फसल में आवश्कतानुसार खाद का प्रयोग करें। बागवानी के लिए यह बारिश अतिमहत्वपूर्ण है ।
गर्म कपड़ों की खरीदारी बढ़ी
अचानक ठंड़ बढ़ने से बाजार में ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ गई है। लोगों ने बच्चों के लिए ऊनी कपड़ों की खरीदारी की। इसके अलावा रुई की भी मांग में बढ़ोत्तरी हो गई है। कपड़ा व्यवसायी संदीप कपूर की मानें तो पिछले साल की अपेक्षा इस बार ऊनी कपड़ों के दाम भी काफी बढ़े हुए हैं। इस बार अभी से ठंड अधिक पड़ने से गर्म कपड़ों की अच्छी उठान होने की उम्मीद है। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों की खरीददारी कर रहे हैं। रेडीमेड दुकानों पर सेल और ठेले पर बिकने वाले कपड़ों की तरफ भी लोग आकर्षित हो रहे हैं। रानीपुर मोड, झंड़ा चौक कनखल, मोती बाजार, ज्वालापुर के कटहरा बाजार आदि में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ी है।