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Haridwar News: हवाओं के साथ आई बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद
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फोटो
मौसम का बदला मिजाज, ठंड का हुआ एहसास, बिजली की ट्रिपिंग ने भी किया परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। धर्मनगरी में तीसरे दिन फिर से मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ आई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तापमान गिरने से लोगों को ठंड का एहसास हुआ और जनजीवन प्रभावित हुआ।
शुक्रवार के बाद रविवार शाम को भी घने बादलों के साथ बारिश शुरू हो गई। अचानक बदले मौसम से दोपहिया वाहन चालकों को भीगना पड़ा। बाजारों में पैदल घूम रहे लोगों को भी बारिश का सामना करना पड़ा। बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा। किसानों को धान की फसल गिरने से दाना काला पड़ने की चिंता सता रही है। इसके चलते धान की फसल की कटाई भी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। मौसम में हुए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों को गर्म कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकलना पड़ा।
शनिवार को तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह तापमान लुढ़ककर 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की कई टहनियां टूट गईं। इन टूटी टहनियों से बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई। शहर और देहात दोनों ही क्षेत्रों में लोगों को बिजली के संकट का सामना करना पड़ा।
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मौसम के अचानक बदलने से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली ट्रिपिंग ने लोगों को काफी परेशान किया। सड़कों पर जाम की स्थिति भी देखने को मिली। इससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। कुल मिलाकर, बदले मौसम ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।
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फसलें देखकर उड़ी किसानों की नींद
पथरी। रविवार को बारिश के साथ तेज हवा चलने से किसानों नींद उड़ गई है। पहले बारिश के साथ तेज हवा व उसके बाद ओलावृष्टि से किसान काफी परेशान हैं। मौसम की लगातार मार से दिन-प्रतिदिन किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। इसके बाद भी बारिश होने से ज्यादातर फसलें खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। रविवार की बारिश से खेतों में बची धान व सब्जियों की फसलों के नुकसान होने की आशंका और बढ़ गई है। अनिल कुमार, सुशील कुमार, राजेंद्र सिंह, महिपाल, सुलेमान, रियाजुल, तंजीम अली आदि किसानों ने मुख्यमंत्री से फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। संवाद
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धान की फसल को हुआ नुकसान
लालढांग। लालढांग क्षेत्र में अचानक बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। शाम को हुई बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई। अचानक बदले मौसम से लोगों को ठंड का अहसास हुआ। किसान वसीम शाह, प्रमोद कुमार, चंद्रमोहन सिंह, पुनीत, सुधीर, पंकज सैनी, विजेंद्र कुमार ने बताया कि अचानक हुई बारिश के बाद हवा चलने से धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है। धान की बालियों में दाना भर जाने से पौधे के ऊपर का हिस्सा भारी हो जाता है। बारिश के दौरान पौधे की जड़ गीली होने के कारण पौधे की पकड़ नहीं रहती। बारिश के बाद हवा चलने पर पौधा गिर जाता है। संवाद
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खेतों में जलभराव से फसलें हुई जमींदोज
धनौरी। दो दिन पूर्व हुई भारी ओलावृष्टि से जहां किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, रविवार को हुई तेज बारिश के चलते भी खेतों में फसल नीचे गिर गई है। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। तेज बारिश से धनौरी, जसवावाला, तेलीवाला, औरंगाबाद आदि क्षेत्रों में गन्ने की फसल के साथ-साथ धान की फसल भी गिर गई। संवाद
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मौसम का बदला मिजाज, ठंड का हुआ एहसास, बिजली की ट्रिपिंग ने भी किया परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। धर्मनगरी में तीसरे दिन फिर से मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ आई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तापमान गिरने से लोगों को ठंड का एहसास हुआ और जनजीवन प्रभावित हुआ।
शुक्रवार के बाद रविवार शाम को भी घने बादलों के साथ बारिश शुरू हो गई। अचानक बदले मौसम से दोपहिया वाहन चालकों को भीगना पड़ा। बाजारों में पैदल घूम रहे लोगों को भी बारिश का सामना करना पड़ा। बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा। किसानों को धान की फसल गिरने से दाना काला पड़ने की चिंता सता रही है। इसके चलते धान की फसल की कटाई भी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। मौसम में हुए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों को गर्म कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकलना पड़ा।
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शनिवार को तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह तापमान लुढ़ककर 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की कई टहनियां टूट गईं। इन टूटी टहनियों से बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई। शहर और देहात दोनों ही क्षेत्रों में लोगों को बिजली के संकट का सामना करना पड़ा।
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मौसम के अचानक बदलने से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली ट्रिपिंग ने लोगों को काफी परेशान किया। सड़कों पर जाम की स्थिति भी देखने को मिली। इससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। कुल मिलाकर, बदले मौसम ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।
फसलें देखकर उड़ी किसानों की नींद
पथरी। रविवार को बारिश के साथ तेज हवा चलने से किसानों नींद उड़ गई है। पहले बारिश के साथ तेज हवा व उसके बाद ओलावृष्टि से किसान काफी परेशान हैं। मौसम की लगातार मार से दिन-प्रतिदिन किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। इसके बाद भी बारिश होने से ज्यादातर फसलें खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। रविवार की बारिश से खेतों में बची धान व सब्जियों की फसलों के नुकसान होने की आशंका और बढ़ गई है। अनिल कुमार, सुशील कुमार, राजेंद्र सिंह, महिपाल, सुलेमान, रियाजुल, तंजीम अली आदि किसानों ने मुख्यमंत्री से फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। संवाद
धान की फसल को हुआ नुकसान
लालढांग। लालढांग क्षेत्र में अचानक बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। शाम को हुई बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई। अचानक बदले मौसम से लोगों को ठंड का अहसास हुआ। किसान वसीम शाह, प्रमोद कुमार, चंद्रमोहन सिंह, पुनीत, सुधीर, पंकज सैनी, विजेंद्र कुमार ने बताया कि अचानक हुई बारिश के बाद हवा चलने से धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है। धान की बालियों में दाना भर जाने से पौधे के ऊपर का हिस्सा भारी हो जाता है। बारिश के दौरान पौधे की जड़ गीली होने के कारण पौधे की पकड़ नहीं रहती। बारिश के बाद हवा चलने पर पौधा गिर जाता है। संवाद
खेतों में जलभराव से फसलें हुई जमींदोज
धनौरी। दो दिन पूर्व हुई भारी ओलावृष्टि से जहां किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, रविवार को हुई तेज बारिश के चलते भी खेतों में फसल नीचे गिर गई है। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। तेज बारिश से धनौरी, जसवावाला, तेलीवाला, औरंगाबाद आदि क्षेत्रों में गन्ने की फसल के साथ-साथ धान की फसल भी गिर गई। संवाद