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35000 रेलवे स्टेशन मास्टर एक मई को रखेंगे सामूहिक अवकाश
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ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के बैनर तले देश भर के 35 हजार रेलवे स्टेशन मास्टर 31 मई को सामूहिक हड़ताल पर जाएंगे। स्टेशन मास्टर अक्तूबर 2020 से अपनी कई मांगों को उठा रहे हैं। स्टेशन मास्टरों के हड़ताल पर जाने से ट्रेनों का संचालन ठप हो सकता है।
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धंनजय चंद्रात्रे व केंद्रीय महासचिव सुनील कुमार ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि रेलवे का ब्रांड एंबेसडर (रेलवे का प्रथम व्यक्ति) अपनी मांगों के पूरी न होने पर एक के दिन के सामूहिक अवकाश पर जाने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि 31 मई 2022 को एक दिन पूरे देशभर के स्टेशन मास्टरों ने छुट्टी लेने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन किसी भी समस्या को तरीके से साथ लड़ता है। रेलवे स्टेशन मास्टरों की मांग है कि सभी रिक्तियों को शीघ्र भरा जाए। सभी रेल कर्मचारियों का बिना किसी अधिकतम सीमा के रात्रि ड्यूटी भत्ता बहाल किया जाएग। स्टेशन मास्टरों के संवर्ग में एमएसीपी का लाभ 16.02.2018 के बजाय 01.01.2016 से प्रदान किया जाए। इसके साथ ही संशोधित पदनामों के साथ संवर्गों का पुनर्गठन भी किया जाए। मांगों को पूरा करने को लेकर देश भर के 35 हजार स्टेशन मास्टर हड़ताल पर जाएंगे। यदि मांगे नहीं मानी जाती है तो ट्रेनों कें संचालन में काफी दिक्कत हो सकती है।
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ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धंनजय चंद्रात्रे व केंद्रीय महासचिव सुनील कुमार ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि रेलवे का ब्रांड एंबेसडर (रेलवे का प्रथम व्यक्ति) अपनी मांगों के पूरी न होने पर एक के दिन के सामूहिक अवकाश पर जाने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि 31 मई 2022 को एक दिन पूरे देशभर के स्टेशन मास्टरों ने छुट्टी लेने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन किसी भी समस्या को तरीके से साथ लड़ता है। रेलवे स्टेशन मास्टरों की मांग है कि सभी रिक्तियों को शीघ्र भरा जाए। सभी रेल कर्मचारियों का बिना किसी अधिकतम सीमा के रात्रि ड्यूटी भत्ता बहाल किया जाएग। स्टेशन मास्टरों के संवर्ग में एमएसीपी का लाभ 16.02.2018 के बजाय 01.01.2016 से प्रदान किया जाए। इसके साथ ही संशोधित पदनामों के साथ संवर्गों का पुनर्गठन भी किया जाए। मांगों को पूरा करने को लेकर देश भर के 35 हजार स्टेशन मास्टर हड़ताल पर जाएंगे। यदि मांगे नहीं मानी जाती है तो ट्रेनों कें संचालन में काफी दिक्कत हो सकती है।
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