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नाबालिग से दुराचार के आरोपों से मकान मालिक बरी
hridwar uttrakhanda india
Updated Sun, 20 Nov 2016 11:54 PM IST
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किरायेदार की नाबालिग बेटी से दुराचार के आरोपों से मकान मालिक को कोर्ट ने बरी कर दिया है। मकान मालिक के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन ट्रायल के दौरान दुराचार के सुबूत ही नहीं मिले हैं। जिस पर स्पेशल जज पोक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
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भूपतवाला की मुखिया गली निवासी सुशील के मकान में एक परिवार काफी समय से से किराये पर रहता आ रहा था। पिछले साल चार सितंबर 2015 को किरायेदार दंपति ने सुशील पर अपनी नाबालिग बेटी से दुराचार का आरोप लगाया था। पुलिस ने सुशील के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। बाद में सुशील जमानत पर रिहा हो गया। इस बीच पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान और पुलिस के सुबूतों को कोर्ट ने बारीकी से परखा। मकान मालिक और किरायेदारी का विवाद भी सामने आया। सुशील की ओर से अधिवक्ता उत्तम सिंह चौहान ने पैरवी की। मगर ट्रायल में पुलिस और वादी ऐसा कोई मौखिक या दस्तावेजी सुबूत पेश नहीं कर पाए, जिससे की अपराध साबित हो सके। स्पेशल जज पोक्सो अंजूश्री जुयाल ने सुबूतों के अभाव में सुशील को दोषमुक्त करार दिया। सुशील कुमार का कहना है कि उस पर झूठे आरोप लगाए गए थे। कोर्ट से उन्हें न्याय मिला है।
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