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Haridwar News: यूजीसी नियमों के विरोध में निकाली कांवड़ यात्रा
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फोटो :
- श्री अखंड परशुराम अखाड़े के सदस्यों और पदाधिकारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
- भगवान परशुराम का वेश धारण कर यात्रा में शामिल हुए लोग
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने यूजीसी नियमों के विरोध में कांवड़ यात्रा निकाली। यह यात्रा सावन की शिवरात्रि के अवसर पर बिरला घाट से शिवमूर्ति तक निकली। अखाड़े ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो सवर्ण समाज आंदोलन को और तेज करेगा। यात्रा के दौरान अखाड़े के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने यूजीसी रोल बैक और काला कानून वापस लो जैसे नारे लगाए।
श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि सरकार की ओर से लागू किए गए इस कानून से बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ है। पंडित अधीर कौशिक ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया या आरक्षण नीतियों में सुधार नहीं किया, तो सवर्ण समाज आंदोलन तेज करेगा।
अखाड़े के पदाधिकारी भगवान परशुराम का रूप धारण कर यात्रा में शामिल हुए। इसमें संत कार्तिकेय महाराज ने कहा कि संत का कार्य समाज में अच्छे और बुरे की पहचान करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां चारों वर्णों को आपस में लड़ाने का काम कर रही हैं। उन्होंने भगवान शिव से जल अभिषेक कर प्रार्थना की कि सरकार ऐसे काले कानून न लाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसे निर्णय लेती रही तो सवर्ण समाज और संन्यासी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
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कांवड़ यात्रा में श्री अखंड परशुराम अखाड़े के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें शिवशंकर शास्त्री, स्वामी रुद्रानंद, कमल मुनि और स्वामी आनंद महाराज, आचार्य पवन कृष्ण शास्त्री, आचार्य संजय कृष्ण शास्त्री आदि शामिल हुए।
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- श्री अखंड परशुराम अखाड़े के सदस्यों और पदाधिकारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
- भगवान परशुराम का वेश धारण कर यात्रा में शामिल हुए लोग
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने यूजीसी नियमों के विरोध में कांवड़ यात्रा निकाली। यह यात्रा सावन की शिवरात्रि के अवसर पर बिरला घाट से शिवमूर्ति तक निकली। अखाड़े ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो सवर्ण समाज आंदोलन को और तेज करेगा। यात्रा के दौरान अखाड़े के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने यूजीसी रोल बैक और काला कानून वापस लो जैसे नारे लगाए।
श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि सरकार की ओर से लागू किए गए इस कानून से बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ है। पंडित अधीर कौशिक ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया या आरक्षण नीतियों में सुधार नहीं किया, तो सवर्ण समाज आंदोलन तेज करेगा।
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अखाड़े के पदाधिकारी भगवान परशुराम का रूप धारण कर यात्रा में शामिल हुए। इसमें संत कार्तिकेय महाराज ने कहा कि संत का कार्य समाज में अच्छे और बुरे की पहचान करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां चारों वर्णों को आपस में लड़ाने का काम कर रही हैं। उन्होंने भगवान शिव से जल अभिषेक कर प्रार्थना की कि सरकार ऐसे काले कानून न लाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसे निर्णय लेती रही तो सवर्ण समाज और संन्यासी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
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कांवड़ यात्रा में श्री अखंड परशुराम अखाड़े के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें शिवशंकर शास्त्री, स्वामी रुद्रानंद, कमल मुनि और स्वामी आनंद महाराज, आचार्य पवन कृष्ण शास्त्री, आचार्य संजय कृष्ण शास्त्री आदि शामिल हुए।