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उत्तराखंड की धरती पर सिर्फ तीर्थयात्रा को आएं

Thu, 14 Apr 2016 12:07 AM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Thu, 14 Apr 2016 12:07 AM IST
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Just come on pilgrimage to the land of Uttarakhand
तीर्थयात्री बनकर आएं उत्तराखंड - फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि उत्तराखंड की पावन धरती पर आकर तीर्थयात्रा के नाम पर जो लोग भोगविलास करते हैं, शराब पीते हैं वह सभी नर्क में जाएंगे। तीर्थ स्थानों पर भोग विलासिता और शराब तीर्थयात्रियों ने पी तो वह गंगा नाराज हो गई और इसी कारण केदारनाथ में आपदा आई। उन्होंने कहा कि आज कई लोगों को भगवान मानते हुए सनातन धर्म और हमारे मंत्रों के साथ शास्त्रों को भी बिगाड़ा जा रहा है।

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कनखल स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि उत्तराखंड में पहले श्रद्धालु तीर्थयात्रा की भावना से आते थे। तीर्थयात्रा के लिए मन की पवित्रता, वाणी में संयम होना चाहिए। इससे ही तीर्थयात्रा का फल मिलता है। उन्होंने केदारनाथ में आई आपदा के अन्य कारण भी गिनाए। कहा कि एक तो गंगा में लगातार बनाए जा रहे बांध हैं और दूसरा अलकनंदा नदी में बांध बनाकर धारी देवी के मंदिर को डुबोना रहा है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा की परंपरा जगद्गुरु शंकराचार्य ने शुरू की थी। इसलिए जौलीग्रांट हवाई अड्डे का नाम जगद्गुरु शंकराचार्य के नाम पर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी चुनाव के समय जो वायदे किए थे प्रधानमंत्री बनने के बाद पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि इन दो सालों में न तो भ्रष्टाचार पर लगाम लगी और न ही विदेशों से काला धन वापस आया। 

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