{"_id":"631e48a16a26ce7afd665976","slug":"haridwar-in-desire-to-own-ashram-a-sadhvi-handed-over-her-daughter-to-monk","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar : आश्रम हथियाने के लिए साध्वी ने साधु को सौंप दी थी अपनी बेटी, पुलिस ने किया पर्दाफाश, आरोपी जेल में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar : आश्रम हथियाने के लिए साध्वी ने साधु को सौंप दी थी अपनी बेटी, पुलिस ने किया पर्दाफाश, आरोपी जेल में
Mon, 12 Sep 2022 02:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हरिद्वार
अमर उजाला नेटवर्क, हरिद्वार
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 12 Sep 2022 02:14 AM IST
सार
Haridwar : हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने पूरे मामले से पर्दा उठाते हुए आरोपी मां और साधु को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आश्रम के स्वामित्व की चाह में ही एक साध्वी ने अपनी बेटी को साधु को सौंप दिया। हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने पूरे मामले से पर्दा उठाते हुए आरोपी मां और साधु को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
मूलरूप से असम निवासी साध्वी ने असम में मुकदमा दर्ज कराया था कि शास्त्री नगर गाजिबायाद यूपी की एक अध्यात्मिक संस्था से जुड़े लोग उसकी बेटी को अपने साथ हरिद्वार ले गए थे, जहां उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया। असम पुलिस ने घटनास्थल हरिद्वार होने के चलते जांच हरिद्वार ट्रांसफर कर दी थी। हरिद्वार पुलिस ने जब शास्त्रीनगर गाजियाबाद के रहने वाले नामजद आरोपी मिशलेश शुक्ला और राजेश शुक्ला से संपर्क साधा तब मामला दूसरा ही निकला।
विज्ञापन
पुलिस ने युवती को हरिद्वार लाकर कोर्ट में बयान कराए। कोतवाल प्रभारी राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि युवती अपनी मां के साथ ज्वालापुर में रहती थी। उसकी मां का कृष्ण मुरारी निवासी श्री वृंदावन धाम निकट पटियालावालों की धर्मशाला रानी गली भूपतवाला आना जाना था। वह बेटी को भी आश्रम में ले जाती थी। आश्रम में ठहरने के दौरान आरोपी साधु ने कई बार उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
मां ने बेटी को चुप रहने के लिए बोला। बेटी के विरोध करने पर उसे शास्त्री नगर गाजियाबाद में अध्यात्मिक संस्था में रहने के लिए भेज दिया, जहां युवती ने अपनी दास्तां बताई। अध्यात्मिक संस्था के पदाधिकारियों ने जब साधु को उसकी करतूत उजागर करने की बात कही तो साधु ने पीड़िता की मां के साथ मिलकर असम पहुंचकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया। कोतवाल ने बताया कि साध्वी को लालच था कि साधु उसे अपना आश्रम सौंप देगा। उसी की चाह में बेटी के साथ दुष्कर्म होने पर विरोध नहीं किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।