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माननीयों की निधि से खरीदी एंबुलेंस फांक रही धूल

Thu, 11 Nov 2021 08:24 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 08:24 PM IST
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Government ambulance needs the driver's dose
नारसन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस की चाबी ग्रहण करते अधिकारी । --- फाइल फोटो - फोटो : HARIDWAR
कोरोना संक्रमण के दौरान सरकारी अस्पतालों के लिए विधायक निधि से खरीदी गई एंबुलेंस अब स्वास्थ्य विभाग की गले की फांस बन गई हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चालक नहीं होने के कारण यह एंबुलेंस पुलिस चौकी और ग्रामीण के घर की शोभा बढ़ा रहे। महीनों से खड़ी एंबुलेंस को देखकर ग्रामीण यह मजाक बनाने लगे हैं कि सरकार हमें दे दे तो इनसे सवारियां ढोह लेंगे।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश के अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलकर सामने आ गई थी। अस्पतालों में जरूरी दवा, उपकरण और मरीजों को ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं होने की बात सामने आई थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने सभी विधायकों को अपनी निधि से अस्पतालों के लिए उपकरण और एंबुलेंस खरीदने की अनुमति दी थी। हरिद्वार जनपद में भी कुछ विधायकों ने अपनी निधि से एंबुलेंस खरीदी और इन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराया गया।
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हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने अगस्त में अपनी विधायक निधि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालढांग और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदार्था के लिए एक-एक एंबुलेंस उपलब्ध कराई। लालढांग पीएचसी में पहले से एक एंबुलेंस थी। दूसरी एंबुलेंस उपलब्ध तो कराई, लेकिन आज तक इसका पंजीकरण नहीं हो सका है। यह एंबुलेंस केंद्र पर खड़ी है। केंद्र के पीएचसी प्रभारी डॉ. किशन सिंह चौहान का कहना है कि एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया जारी है। पदार्था पीएचसी में चालक की तैनाती नहीं। इसलिए एंबुलेंस का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा। खास बात यह है कि विभाग उसकी सुरक्षा को लेकर ही चिंतित है। एंबुलेंस चोरी न हो जाए इसलिए इसको फेरूपुर पुलिस चौकी के पास खड़ा कर दिया गया है। एंबुलेंस पर धूल की परत जमने लगी है।
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ग्रामीण की घर की शोभा बढ़ा रही एंबुलेंस
पिरान कलियर। क्षेत्र के विधायक फुरकान अहमद ने भी अपने क्षेत्र के दो पीएचसी को एंबुलेंस उपलब्ध कराई। कलियर पीएचसी को दी गई एंबुलेंस चल रही है और इसका लाभ मरीजों को मिल रहा है। मरगूबपुर पीएचसी पर चालक न होने के कारण क्षेत्र के मरीजों को एंबुलेंस का मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है। एंबुलेंस को गांव के एक ग्रामीण के घर पर खड़ी कर दी। मरगूबपुर पीएचसी के प्रभारी डॉ. अरशद का कहना है कि अस्पताल में एंबुलेंस को खड़ी करने की जगह नहीं है। इसलिए इसे ग्रामीण के घर पर खड़ा कर दिया है। संवाद
चालक है पर नहीं बने दस्तावेज
नारसन। मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन की ओर से अपनी निधि से नारसन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एक एंबुलेंस सात अक्तूबर को दी गई थी। अभी तक एंबुलेंस का पंजीकरण विभाग नहीं कर सका है। इसके कारण वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खड़ी है। हालांकि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास चालक है, पर एंबुलेंस को चलाने के लिए दस्तावेजों के तैयार होने का इंतजार किया जा रहा है। इस एंबुलेंस का लाभ भी मरीजों को नहीं मिल रहा है। संवाद

मामला उनके संज्ञान में आया है। मैंने हाल ही कार्यभार ग्रहण किया है। इसलिए जितनी भी ऐसी एंबुलेंस हैं। उनके बारे में रिपोर्ट मांगी जा रही है। जहां चालक नहीं हैं, वहां व्यवस्था की जाएगी। सभी एंबुलेंसों का लाभ मरीजों को दिलाया जाएगा।
- डॉ. कुमार खगेंद्र, सीएमओ, हरिद्वार
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