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जन सुनवाई:- डेढ़ साल से चकरोड की पैमाइश को भटक रहे रोशनाबाद के किसान

Sun, 31 May 2026 05:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Updated Sun, 31 May 2026 05:40 PM IST
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Farmers of Roshnabad have been wandering in the measurement of chakrod for one and a half years
- किसानों में आक्रोश, कई बार शिकायत के बावजूद नहीं पहुंची राजस्व टीम, खेती-किसानी प्रभावित
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- पैमाइश न होने से किसानों की खेतीबाड़ी हो रही प्रभातिव
ऋषभ चौहान
सिडकुल। ग्राम रोशनाबाद में खेतों के बीच स्थित चकरोड की पैमाइश कराने की मांग को लेकर किसान पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से तहसील प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक राजस्व टीम मौके पर नहीं पहुंची है। किसानों का आरोप है कि कई बार लिखित प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अधिकारी केवल आश्वासन ही देते रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार चकरोड वर्तमान में संकरी और अव्यवस्थित हो चुकी है, जिससे ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों का खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है तथा खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि पैमाइश को लेकर किसी पक्ष की कोई आपत्ति नहीं है, फिर भी प्रशासन कार्रवाई से बचता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में किसानों के बीच विवाद या अप्रिय घटना हो सकती है। उनका कहना है कि चकरोड विवाद गांवों में अक्सर गंभीर संघर्ष का कारण बनते रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि अधिकारियों के कार्यालय से मात्र तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव के किसानों को अपनी समस्या के समाधान के लिए डेढ़ साल से भटकना पड़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल राजस्व टीम भेजकर निष्पक्ष पैमाइश कराने और समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि भविष्य में किसी अप्रिय घटना की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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अधिकारी बयान:-
मैंने अभी चार्ज संभाला है, मामले में पत्रावली पढ़कर जो भी होगा उसमें नियम अनुसार मामले का निस्तारण किया जाएगा।
योगेश सिंह मेहरा, उप जिलाधिकारी, हरिद्वार
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क्या बोले ग्रामीण:-
ग्रामीण क्षेत्रों मे अधिकतर विवाद जमीनी संपत्तियों के लिए ही होते हैं, अगर चकरोड ही बंद हो जाएंगी तो किसानों के हल ट्रैक्टर, फसलें कहां से निकलेंगी। इसलिए, चकरोड की पैमाइश शीघ्र कराई जाए।
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अक्षय पाल
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ये किसानों की आपसी समझदारी है जो बिना किसी विवाद के कानून से इस विवाद को निपटना चाहते हैं, लेकिन, दुर्भाग्य यह है कि बार-बार अधिकारियों से मिलने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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सुबोध पाल
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रोशनाबाद जिला प्रसाशन के सबसे निकट का गांव है, लेकिन, इस गांव के किसानों की समस्या का हल भी प्रशासन नहीं कर रहा है। चकरोड की पैमाइश कर समाधान किया जाए, ताकि, वह ठीक ढंग से खेती कर सकें।
दीपक कुमार
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