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Haridwar News: कर्मचारियों का काली फीती बांधकर प्रदर्शन
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फोटो
- मुख्यमंत्री-स्वास्थ्य मंत्री से न्याय की अपील, कर्मचारियों का विरोध जारी
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। कर्मचारियों ने मंगलवार को काली फीती बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। यह उनके आंदोलन का दूसरा दिन था। कर्मचारी पिछले 10 वर्षों से लंबित पदोन्नति और अन्य भत्तों की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य और कुलपति, आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और उग्र होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
कर्मचारियों का आरोप है कि महानिदेशक पिछले 10 वर्षों से पदोन्नति में अड़ंगा लगा रहे हैं। इस संबंध में एक पत्र महानिदेशक को भेजा गया है। इसकी प्रतियां मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य को भी भेजी गई हैं। इन प्रतियों के माध्यम से न्याय का अनुरोध किया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने कहा कि अगर जल्द ही कनिष्ठ सहायक, डार्क रूम सहायक, ओटी सहायक और लैब सहायक के पदों पर पदोन्नति नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को और उग्र करेगा। संगठन ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से न्याय की अपील की है। कर्मचारियों ने कम पढ़े-लिखे कर्मियों को पौष्टिक आहार भत्ता देने की भी मांग की है। उनका धुलाई भत्ता बढ़ाकर 500 रुपये करने की मांग भी शामिल है।
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आयुर्वेद विश्वविद्यालय कर्मचारियों की विशेष मांगें
प्रदेश संगठन सचिव छत्रपाल सिंह ने बताया कि आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को कई वर्षों से पदोन्नति नहीं दी गई है। उन्होंने वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता और पौष्टिक आहार भत्ता देने की मांग की है। कर्मचारियों ने आयुष शिक्षा मंत्री से भी अनुरोध किया है कि हर्रावाला स्थित विश्वविद्यालय से ऋषिकुल गुरुकुल राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज चिकित्सालय हरिद्वार को अलग किया जाए। इससे चिकित्सालय को पूर्व की भांति राज्य से वेतन, पेंशन और दवाओं की व्यवस्था मिल सकेगी। यह रोगियों की बेहतर सेवा सुनिश्चित करेगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान राजेन्द्र तेश्वर, राकेश भंवर, मूलचंद चौधरी, अजय कुमार, नितिन कुमार, सुरेंद्र सिंह, ललित शाह आदि मौजूद रहे।
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- मुख्यमंत्री-स्वास्थ्य मंत्री से न्याय की अपील, कर्मचारियों का विरोध जारी
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। कर्मचारियों ने मंगलवार को काली फीती बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। यह उनके आंदोलन का दूसरा दिन था। कर्मचारी पिछले 10 वर्षों से लंबित पदोन्नति और अन्य भत्तों की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य और कुलपति, आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और उग्र होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
कर्मचारियों का आरोप है कि महानिदेशक पिछले 10 वर्षों से पदोन्नति में अड़ंगा लगा रहे हैं। इस संबंध में एक पत्र महानिदेशक को भेजा गया है। इसकी प्रतियां मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य को भी भेजी गई हैं। इन प्रतियों के माध्यम से न्याय का अनुरोध किया गया है।
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प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने कहा कि अगर जल्द ही कनिष्ठ सहायक, डार्क रूम सहायक, ओटी सहायक और लैब सहायक के पदों पर पदोन्नति नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को और उग्र करेगा। संगठन ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से न्याय की अपील की है। कर्मचारियों ने कम पढ़े-लिखे कर्मियों को पौष्टिक आहार भत्ता देने की भी मांग की है। उनका धुलाई भत्ता बढ़ाकर 500 रुपये करने की मांग भी शामिल है।
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आयुर्वेद विश्वविद्यालय कर्मचारियों की विशेष मांगें
प्रदेश संगठन सचिव छत्रपाल सिंह ने बताया कि आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को कई वर्षों से पदोन्नति नहीं दी गई है। उन्होंने वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता और पौष्टिक आहार भत्ता देने की मांग की है। कर्मचारियों ने आयुष शिक्षा मंत्री से भी अनुरोध किया है कि हर्रावाला स्थित विश्वविद्यालय से ऋषिकुल गुरुकुल राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज चिकित्सालय हरिद्वार को अलग किया जाए। इससे चिकित्सालय को पूर्व की भांति राज्य से वेतन, पेंशन और दवाओं की व्यवस्था मिल सकेगी। यह रोगियों की बेहतर सेवा सुनिश्चित करेगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान राजेन्द्र तेश्वर, राकेश भंवर, मूलचंद चौधरी, अजय कुमार, नितिन कुमार, सुरेंद्र सिंह, ललित शाह आदि मौजूद रहे।