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Haridwar News: सूखे खड़े पेड़ों से कर्मचारियों को खतरा
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन ने जिलाधिकारी को दी शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर मेला चिकित्सालय परिसर में कर्मचारियों के आवासों के पास सूखे खड़े पेड़ों से खतरा बताया है। उनका कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के चलते पेड़ के टहनियां हर-रोज टूटकर गिर रहे हैं। कर्मचारियों ने जंगल से सटे आवासों पर पेड़ों के झुके होने और विषैले जानवरों के खतरे को लेकर भी चिंता जताई है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि आवासीय परिसर से सटा विशालकाय सूखा पेड़ दीमक लगने के कारण पूरी तरह जर्जर हो गया है। यह पेड़ कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। वन विभाग को कई पत्र दिए जाने के बावजूद इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने कहा कि पूर्व में भी वन्य जीव प्रतिपालक को पेड़ों की टहनियों की छंटाई के लिए पत्र लिखा गया था। नितिन, विक्रम राणा, मूलचंद चौधरी, रुपेश, राय सिंह, अर्पित और केदार सिंह मुनेश आदि ने जंगल की तरफ से तारबाड़ लगाने और आवासीय परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का अनुरोध किया है।
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माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर मेला चिकित्सालय परिसर में कर्मचारियों के आवासों के पास सूखे खड़े पेड़ों से खतरा बताया है। उनका कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के चलते पेड़ के टहनियां हर-रोज टूटकर गिर रहे हैं। कर्मचारियों ने जंगल से सटे आवासों पर पेड़ों के झुके होने और विषैले जानवरों के खतरे को लेकर भी चिंता जताई है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि आवासीय परिसर से सटा विशालकाय सूखा पेड़ दीमक लगने के कारण पूरी तरह जर्जर हो गया है। यह पेड़ कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। वन विभाग को कई पत्र दिए जाने के बावजूद इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने कहा कि पूर्व में भी वन्य जीव प्रतिपालक को पेड़ों की टहनियों की छंटाई के लिए पत्र लिखा गया था। नितिन, विक्रम राणा, मूलचंद चौधरी, रुपेश, राय सिंह, अर्पित और केदार सिंह मुनेश आदि ने जंगल की तरफ से तारबाड़ लगाने और आवासीय परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का अनुरोध किया है।
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