फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Dalit chief minister in several announcements of conference

सीएम ने दलित सम्मेलन में की कई घोषणाएं

Mon, 17 Oct 2016 12:02 AM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Mon, 17 Oct 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
Dalit chief minister in several announcements of conference
दलित सम्मेलन में उमड़ा हुजूम - फोटो : अमर उजाला

संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर मुक्ति आंदोलन समिति की विभिन्न मांगों को लेकर ऋषिकुल मैदान में किए गए सामाजिक परिवर्तन महासम्मेलन में जन सैलाब उमड़ा। महाकुंभ में मांगों का ज्ञापन लेने के लिए बुलाए जा रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत का भाजपा के नेता सुबोध राकेश और देशराज कर्णवाल ने विरोध किया, लेकिन संयोजक राहुल भारती ने इस संबंध में जनता से सहमति मिलने पर मुख्यमंत्री को महासम्मेलन में बुलाया।

विज्ञापन

सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने महासम्मेलन में घोषणाओं की झड़ी लगा दी। दलित समुदाय की मांग को पूरा करते हुए उन्होंने हरकी पैड़ी पर संत रविदास मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ ही वहां से शौचालय हटाने, बैकलॉग से एससी, एसटी के पद भरने, 15 दिन के अंदर छात्रवृत्ति देने, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि के समस्त मंदिरों के सौंदर्यीकरण, संत रैदास के नाम से एक गंगा घाट बनाने की घोषणा की। इसकी प्रतिक्रिया में आयोजकों ने संगठित होकर अपनी ताकत दिखाने और जो उनकी बात करेगा वह ही देश में राज करेगा आदि नारे बुलंद किए। कार्यक्रम में पंजाबी गायिका गिन्नी माही ने अपनी प्रस्तुति से समां बांधा।
विज्ञापन

सामाजिक परिवर्तन  महासम्मेलन के संयोजक राहुल भारती ने समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि देशभर का करीब 25 करोड़ दलित समाज किसी के बहकावे में नहीं आएगा। उन्होंने महासम्मेलन के दौरान अपनी मांगों का ज्ञापन देने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत के आगमन की सूचना दी तो मंच पर मौजूद और हाल में ही भाजपा में शामिल हुए सुबोध राकेश, देशराज कर्णवाल आदि ने मुख्यमंत्री को बुलाए जाने का विरोध करना शुरू कर दिया। सुबोध राकेश ने मंच से कहा कि महासम्मेलन दलितों के नाम पर बुलाया गया है न कि किसी मुख्यमंत्री के नाम पर। जिस मुख्यमंत्री को बुलाया जा रहा है वह दूसरी जाति का है। यदि मुख्यमंत्री आए तो क्या वह उनकी मांगें पूरी करेंगे। राहुल भारती ने सफाई दी कि मुख्यमंत्री को केवल उनकी मांगों का ज्ञापन देने के लिए बुलाया गया है, मंच पर राजनीति की बात नहीं होगी। इसपर मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व ही सुबोध राकेश, देशराज कर्णवाल आदि सम्मेलन से उठकर चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने राहुल भारती ने अपनी मांगें रखीं। महासम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री ने अधिकांश मांगों पर अपनी सहमति दी। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति में देेरी होने पर केंद्र सरकार को दोषी बताया और कहा कि जो भी अधिकारों का सम्मान नहीं करेगा वह अंबेडकर साहेब के संविधान का विरोधी होगा। उन्होंने दलितों को खबरदार रहने के लिए चेताते हुए कहा कि आज देश के संविधान को खतरा है जो लोग केंद्र की सत्ता में बैठे हैं वे अंबेडकर साहेब के लिखित संविधान को बदलना चाहते हैं। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी अपने विभाग में आरक्षण का पालन नहीं करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। राहुल भारती ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ शोषण करने वाले को फांसी और सरकार की ओर से एक करोड़ रुपया दिया जाए। उन्होंने कहा कि देश में जब बाबा साहेब ने संविधान का गठन किया  और देेश ने उसे माना तो वे लोग मनुवादियों की सोच और संविधान को क्यों  मानेें। समिति की महामंत्री कांता आराडिया ने कहा कि आपकी ताकत को देखते हुए आज मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे और जो भी हमारी बात को नहीं मानेगा वो देश तो क्या किसी राज्य में भी सरकार नहीं बना सकेगा। देेश का दलित जागृत हो  गया है अब सभी पार्टी वोटों के लिए दलित समाज के महापुरुषों की फोटो लगाने  के साथ उनके विकास की बात करने लगी हैं, लेकिन फोटो और ग्रांट देने से दलितों  का विकास नहीं होगा। दलितों का विकास तब तक नहीं होता जब तक राजनीति की  सत्ता की चाबी दलितों के हाथ में नहीं आ जाती। इस मौके पर संत सुखदेव सिंह, पूर्व सांसद जगपाल सिंह, एआर जोशी, जिला पंचायत सदस्य रोशनलाल एवं भूप सिंह, जोगेंद्र पाल, महात्मा  ब्रिजेश दास, ब्रह्मदास, इंद्रजीत सिंह, किरण खेमवाल, संजीव गौतम, विधायक फुरकान अहमद, राजीव भारती, सुरेंद्र नौटियाल, रमन भारती आदि शामिल  हुए।

ये रहीं प्रमख मांगें
हरकी पैड़ी  पर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर के ऊपर से शौचालय, पुल एवं सीढ़ियों को  तत्काल प्रभाव के साथ हटवाने, संत रविदास व बाबा साहेब के जन्मोत्सव पर  राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने, एक समान शिक्षा नीति लागू कराना, आरक्षण को  संविधान की 9वीं सूची में रखा जाना, लोकसभा में लंबित बिल प्रमोशन में  आरक्षण को पारित करना, उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति संघ लोक सेवा  आयोग द्वारा की जाए। निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू हो। प्रदेश स्तरीय  मांगों में अन्य जिलों के अनुरूप हरिद्वार में भी स्थायी प्रमाणपत्र की  जगह मूल निवास प्रमाणपत्र जारी किया जाए। प्रदेश स्थापना से निवास करने  वाले एससी-एसटी को जाति प्रमाणपत्र जारी हो। उपनल संविदा कर्मियों में भी  आरक्षण की व्यवस्था की मांग उठायी।  

हेलीकाप्टर से बरसाए फूल
दलित महाकुंभ में हेलीकाप्टर से फूल बरसाए गए। मुख्यमंत्री के आगमन के बाद पहुंचे हेलीकाप्टर ने जनसैलाब के ऊपर पांच बार चक्कर काटते हुए फूल बरसाए। हेलीकाप्टर जब लगातार चक्कर काटते हुए फूल बरसाता रहा तो एसएसपी राजीव स्वरूप ने उसे जाने के लिए हाथ का इशारा किया। हेलीकाप्टर का पायलट इशारा नहीं समझा तो एसएसपी ने राहुल भारती से फूल बरसाने से रुकवाने को कहा। हेलीकाप्टर से हो रही फूलों की वर्षा के दौरान सभी लोग खड़े हो गए।

मैं अभी बुड्ढा नहीं हुआ : रावत
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि समाज के लोगों की मांग पर महापुरुषों के जन्मदिवस पर छुट्टी की मांग नहीं मानी तो ये लोग मेरी छुट्टी कर देंगे। और मैं अभी छुट्टी नहीं लेना चाहता, क्योंकि मैं अभी बुड्ढा नहीं हुआ।


शराब बंदी पर पुरुषों ने नहीं दी प्रतिक्रिया
राहुल भारती ने मंच से प्रदेश में बिहार की तर्ज पर शराबबंदी की मांग उठायी, लेकिन जिस समय यह मांग उठी तो महिलाओं ने तो खुशी मनाई, लेकिन पुरुषों की ओर से कोई हाथ नहीं उठाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed