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...फिरौती वसूलने की खातिर हुआ था मासूम का अपहरण
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादराबाद।
दो साल के मासूम देविक उर्फ गुन्नू का अपहरण निसंतान होने के चलते नहीं, बल्कि फिरौती के मकसद से किया गया था। मासूम को छोड़ने की एवज में एक लाख की रकम मांगी जा रही थी। पुलिस ने मासूम को बरामद करते हुए गुरुकुल नारसन से अपहरणकर्ता दंपति को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार सुबह हरिजन बस्ती में रहने वाले संदीप के मकान में किराये पर रह रहा दंपति उसके दो साल के बेटे देविक को लेकर फरार हो गया था। एक पड़ोसी ने दंपति को मासूम को बस में रुड़की की तरफ जाते हुए देखा था। खुद को सहारनपुर जिले के गांव रणखंडी देवबंद का रहने वाला बताने वाले दंपति की पहचान रिंकू एवं प्रीति के तौर पर हुई थी। संदीप के छोटे भाई राबिन को आई फोन कॉल ने पूरे मामले की तस्वीर ही बदलकर रख दी। फोन कॉल कर रहे रिंकू ने देविक को छोड़ने की एवज में एक लाख की रकम देने की मांग की।
थानाध्यक्ष मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि दंपति को फिरौती की रकम देने के लिए गुरुकुल नारसन के आम के एक बाग में बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद पुलिस टीम ने दंपति को दबोचते हुए मासूम को बरामद कर लिया। उधर, दंपति को बिना सत्यापन कराए ही कमरा किराये पर देने पर मासूम के पिता संदीप के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दस हजार का जुर्माना करते हुए मामला कोर्ट में भेजा है।
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सहारनपुर नहीं मुजफ्फरनगर का रहने वाले हैं
दंपति बेहद ही शातिर है। उन्होंने अपनी आईडी भी फर्जी बनाई हुई थी। ऐसा लग रहा है कि मासूम के अपहरण की साजिश कई माह पहले ही रच ली गई थी। दंपति से मकान मालिक ने आईडी प्रू्फ भी नहीं लिया था। एक पड़ोसी से प्रीति की आईडी मिली थी। लेकिन उसमें पता देवबंद का दर्ज था। जब पुलिस ने दंपति की तलाश शुरू की तो पता चला कि वह देवबंद नहीं बल्कि रतनपुरी बुढाना मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं।
अलग-अलग नंबरों से की कॉल
कम पढ़े लिखे दंपति को यह तो पता था कि मोबाइल फोन की मदद से पुलिस उन्हें ढूंढ सकती है। इसलिए पहले उन्होंने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए। फिर अलग- अलग मोबाइल फोन नंबर से फिरौती की रकम मांगनी शुरू कर दी। पुलिस ने जब दंपति को दबोचा तब उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन एवं सात सिम कार्ड बरामद हुए।
बहादराबाद।
दो साल के मासूम देविक उर्फ गुन्नू का अपहरण निसंतान होने के चलते नहीं, बल्कि फिरौती के मकसद से किया गया था। मासूम को छोड़ने की एवज में एक लाख की रकम मांगी जा रही थी। पुलिस ने मासूम को बरामद करते हुए गुरुकुल नारसन से अपहरणकर्ता दंपति को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार सुबह हरिजन बस्ती में रहने वाले संदीप के मकान में किराये पर रह रहा दंपति उसके दो साल के बेटे देविक को लेकर फरार हो गया था। एक पड़ोसी ने दंपति को मासूम को बस में रुड़की की तरफ जाते हुए देखा था। खुद को सहारनपुर जिले के गांव रणखंडी देवबंद का रहने वाला बताने वाले दंपति की पहचान रिंकू एवं प्रीति के तौर पर हुई थी। संदीप के छोटे भाई राबिन को आई फोन कॉल ने पूरे मामले की तस्वीर ही बदलकर रख दी। फोन कॉल कर रहे रिंकू ने देविक को छोड़ने की एवज में एक लाख की रकम देने की मांग की।
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थानाध्यक्ष मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि दंपति को फिरौती की रकम देने के लिए गुरुकुल नारसन के आम के एक बाग में बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद पुलिस टीम ने दंपति को दबोचते हुए मासूम को बरामद कर लिया। उधर, दंपति को बिना सत्यापन कराए ही कमरा किराये पर देने पर मासूम के पिता संदीप के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दस हजार का जुर्माना करते हुए मामला कोर्ट में भेजा है।
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सहारनपुर नहीं मुजफ्फरनगर का रहने वाले हैं
दंपति बेहद ही शातिर है। उन्होंने अपनी आईडी भी फर्जी बनाई हुई थी। ऐसा लग रहा है कि मासूम के अपहरण की साजिश कई माह पहले ही रच ली गई थी। दंपति से मकान मालिक ने आईडी प्रू्फ भी नहीं लिया था। एक पड़ोसी से प्रीति की आईडी मिली थी। लेकिन उसमें पता देवबंद का दर्ज था। जब पुलिस ने दंपति की तलाश शुरू की तो पता चला कि वह देवबंद नहीं बल्कि रतनपुरी बुढाना मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं।
अलग-अलग नंबरों से की कॉल
कम पढ़े लिखे दंपति को यह तो पता था कि मोबाइल फोन की मदद से पुलिस उन्हें ढूंढ सकती है। इसलिए पहले उन्होंने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए। फिर अलग- अलग मोबाइल फोन नंबर से फिरौती की रकम मांगनी शुरू कर दी। पुलिस ने जब दंपति को दबोचा तब उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन एवं सात सिम कार्ड बरामद हुए।