{"_id":"5841ad794f1c1bb61fde85d6","slug":"away-from-the-treasury-and-the-bank-of-celery-stuck","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेजरी से चली और बैंक में अटकी सेलरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेजरी से चली और बैंक में अटकी सेलरी
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Fri, 02 Dec 2016 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नोटबंदी के बीच सरकारी कर्मचारियों के लिए महीने का दूसरा दिन भी खराब रहा। पहली तारीख को तकनीकी खामी के चलते ट्रेजरी से ही भुगतान नहीं हो पाया था। शुक्रवार को ट्रेजरी से भुगतान होकर सेलरी और पेंशन खातों में जरूरी पहुंची पर नोटबंदी के चलते रकम हाथ में नहीं आ पाई। कैश कम होने के कारण कुछ बैंकों ने कर्मचारियों को दो-दो हजार रुपये दिए। इससे कर्मचारियों के चेहरों पर मायूसी छाई रही।
सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह हर महीने पहली तारीख को उनके खातों में आ जाती है। बृहस्पतिवार को पहली तारीख के बावजूद ट्रेजरी से तकनीकी खामी के चलते भुगतान खातों तक नहीं पहुंच पाया था। जिससे जनपद के कुल 22 विभागों के करीब 20 हजार सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह और रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन के रूप में 100 करोड़ से ज्यादा का भुगतान नहीं हो पाया था। अगले दिन तकनीकी खामी दूर होने पर ट्रेजरी से भुगतान तो हो गया, पर कैश की तंगी के कारण रकम खातों से बाहर नहीं आ पाई।
कुछ बैंकों में दो-दो हजार रुपये से ही कर्मचारियों को संतोष करना पड़ा। वहीं लीड बैंक मैनेजर केएस पॉल ने बताया कि अभी पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं मिल पाया है। जिस बैंक मेें जितना कैश था, उसी के हिसाब से दो हजार से चार हजार तक का भुगतान कर्मचारियों को किया गया है। कैश आने पर स्थिति सामान्य हो पाएगी। कैश एक दो दिन में आने की संभावना है।
सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह हर महीने पहली तारीख को उनके खातों में आ जाती है। बृहस्पतिवार को पहली तारीख के बावजूद ट्रेजरी से तकनीकी खामी के चलते भुगतान खातों तक नहीं पहुंच पाया था। जिससे जनपद के कुल 22 विभागों के करीब 20 हजार सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह और रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन के रूप में 100 करोड़ से ज्यादा का भुगतान नहीं हो पाया था। अगले दिन तकनीकी खामी दूर होने पर ट्रेजरी से भुगतान तो हो गया, पर कैश की तंगी के कारण रकम खातों से बाहर नहीं आ पाई।
विज्ञापन
कुछ बैंकों में दो-दो हजार रुपये से ही कर्मचारियों को संतोष करना पड़ा। वहीं लीड बैंक मैनेजर केएस पॉल ने बताया कि अभी पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं मिल पाया है। जिस बैंक मेें जितना कैश था, उसी के हिसाब से दो हजार से चार हजार तक का भुगतान कर्मचारियों को किया गया है। कैश आने पर स्थिति सामान्य हो पाएगी। कैश एक दो दिन में आने की संभावना है।
विज्ञापन