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केआरएल को वैज्ञानिक ढंग करना होगा कूड़ा निस्तारण
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:48 PM IST
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हरिद्वार। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कंपोस्ट प्लांट को चलाने की अनुमति मिलने के बाद केआरएल कंपनी को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमावली के अनुसार वैज्ञानिक ढंग से कूड़ा निस्तारण करना होगा। अब नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग उस पर पैनी नजर रखने के साथ उसके पेच भी कसेगा।
केआरएल कंपनी घर-घर से जैविक-अजैविक कूड़े को अलग-अलग एकत्र करना होगा। बॉयो मेडिकल कचरे को भी अलग से एकत्र करने की व्यवस्था करनी होगी। केआरएल वर्ष 2012 से कूड़ा निस्तारण का काम कर रही है, लेकिन अभी तक उसके और नगर निगम के कूड़ा निस्तारण में कोई अंतर दिखाई नहीं देता था। अभी तक सभी तरह के कूड़े को एक साथ एकत्र करके सराय स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में डंप किया जा रहा था। अभी तक कंपनी कूड़े का अलग-अलग निस्तारण यह बहाना बनाकर नहीं कर रही थी कि कंपोस्ट प्लांट चलाने की अनुमति नहीं मिली है। नगर निगम के अधिकारी के अधिकारी भी कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। कंपनी कोई बहाना नहीं बना सकेगी और अधिकारी भी उस पर दबाव बनाएंगे।
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समय से कूड़ा उठाने की व्यवस्था करनी होगी
कंपनी को कूड़ा उठाने की वर्तमान व्यवस्था को बदलना होगा। अभी तक कूड़ा उठने का कोई समय नहीं है। शहर में कई जगह दोपहर तक कूड़ा उठता रहता है। सुबह के समय कूड़ा नहीं उठने से शहर के लोगों के साथ तीर्थ यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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कूड़ा नालियों के अंदर ठुसने वालों का भी इलाज करना होगा
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को भी अब रात में दुकान का कूड़ा निकालकर नालियों में ठुसने व नालों और सड़कों में फेंकने वालों के खिलाफ सख्ती बरतनी होगी। इसको रोकने के लिए नगर निगम को केआरएल पर्याप्त डस्टबिन की व्यवस्था करानी होगी।
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कंपोस्ट प्लांट के चालू नहीं होने से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में दिक्कतें आ रही थीं। प्लांट चालू की एनओसी मिलने से वैज्ञानिक ढंग से कूड़ा निस्तारण कंपनी को करना होगा। उसके काम पर पैनी नजर रखी जा रही है और जरा भी लापरवाही पाए जाने की स्थिति में उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उसको नियमावली के साथ अनुबंध की शर्तों के मुताबिक काम करना होगा।
- नितिन सिंह भदौरिया नगर आयुक्त।
केआरएल कंपनी घर-घर से जैविक-अजैविक कूड़े को अलग-अलग एकत्र करना होगा। बॉयो मेडिकल कचरे को भी अलग से एकत्र करने की व्यवस्था करनी होगी। केआरएल वर्ष 2012 से कूड़ा निस्तारण का काम कर रही है, लेकिन अभी तक उसके और नगर निगम के कूड़ा निस्तारण में कोई अंतर दिखाई नहीं देता था। अभी तक सभी तरह के कूड़े को एक साथ एकत्र करके सराय स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में डंप किया जा रहा था। अभी तक कंपनी कूड़े का अलग-अलग निस्तारण यह बहाना बनाकर नहीं कर रही थी कि कंपोस्ट प्लांट चलाने की अनुमति नहीं मिली है। नगर निगम के अधिकारी के अधिकारी भी कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। कंपनी कोई बहाना नहीं बना सकेगी और अधिकारी भी उस पर दबाव बनाएंगे।
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समय से कूड़ा उठाने की व्यवस्था करनी होगी
कंपनी को कूड़ा उठाने की वर्तमान व्यवस्था को बदलना होगा। अभी तक कूड़ा उठने का कोई समय नहीं है। शहर में कई जगह दोपहर तक कूड़ा उठता रहता है। सुबह के समय कूड़ा नहीं उठने से शहर के लोगों के साथ तीर्थ यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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कूड़ा नालियों के अंदर ठुसने वालों का भी इलाज करना होगा
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को भी अब रात में दुकान का कूड़ा निकालकर नालियों में ठुसने व नालों और सड़कों में फेंकने वालों के खिलाफ सख्ती बरतनी होगी। इसको रोकने के लिए नगर निगम को केआरएल पर्याप्त डस्टबिन की व्यवस्था करानी होगी।
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कंपोस्ट प्लांट के चालू नहीं होने से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में दिक्कतें आ रही थीं। प्लांट चालू की एनओसी मिलने से वैज्ञानिक ढंग से कूड़ा निस्तारण कंपनी को करना होगा। उसके काम पर पैनी नजर रखी जा रही है और जरा भी लापरवाही पाए जाने की स्थिति में उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उसको नियमावली के साथ अनुबंध की शर्तों के मुताबिक काम करना होगा।
- नितिन सिंह भदौरिया नगर आयुक्त।