{"_id":"5b22aeb44f1c1b214d8b65c7","slug":"51528999604-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुनियोजित हत्या थी निगमानंद की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुनियोजित हत्या थी निगमानंद की मौत
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। मातृसदन के ब्रह्मलीन बह्मचारी निगमानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित सभा में आरोप लगाया गया कि निगमानंद की मौत सुनियोजित हत्या थी। इस दौरान सच सामने आने तक कानूनी लड़ाई लड़ते रहने का संकल्प दोहराया गया।
स्वामी निगमानंद सरस्वती की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में जगजीतपुर स्थित मातृसदन में श्रद्धांजलि समारोह के दूसरे दिन ब्रह्मलीन संत को श्रद्धाजंलि देते हुए लोगों ने गंगा की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि निगमानंद की मौत सुनियोजित हत्या थी। अनशन के दौरान जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया था तब वे पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन उपचार के नाम पर उन्हें जहर देकर मारा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि मौत के बाद आश्रम में आकर घड़ियाली आंसू बहाने वाले नेताओं को यह बताना चाहिए कि जो दावे उन्होंने निगमानंद के बलिदान और मां गंगा की रक्षा के लिए किए थे उनका क्या हुआ। स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद, डा. विजय वर्मा, बह्मचारी दयानंद, ब्रह्मचारी यजनानंद, प्रो.अतुल जैन, अशोक कुमार, सुभाष चंद, लोकेश कुमार, शशिकुमार, दिनेश वालिया, संजीव चौधरी आदि ने स्वामी निगमानंद सरस्वती को श्रद्धासुमन अर्पित किए। बह्मचारी दयानंद ने बताया कि श्रद्धांजलि समारोह शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
हरिद्वार। मातृसदन के ब्रह्मलीन बह्मचारी निगमानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित सभा में आरोप लगाया गया कि निगमानंद की मौत सुनियोजित हत्या थी। इस दौरान सच सामने आने तक कानूनी लड़ाई लड़ते रहने का संकल्प दोहराया गया।
स्वामी निगमानंद सरस्वती की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में जगजीतपुर स्थित मातृसदन में श्रद्धांजलि समारोह के दूसरे दिन ब्रह्मलीन संत को श्रद्धाजंलि देते हुए लोगों ने गंगा की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि निगमानंद की मौत सुनियोजित हत्या थी। अनशन के दौरान जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया था तब वे पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन उपचार के नाम पर उन्हें जहर देकर मारा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि मौत के बाद आश्रम में आकर घड़ियाली आंसू बहाने वाले नेताओं को यह बताना चाहिए कि जो दावे उन्होंने निगमानंद के बलिदान और मां गंगा की रक्षा के लिए किए थे उनका क्या हुआ। स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद, डा. विजय वर्मा, बह्मचारी दयानंद, ब्रह्मचारी यजनानंद, प्रो.अतुल जैन, अशोक कुमार, सुभाष चंद, लोकेश कुमार, शशिकुमार, दिनेश वालिया, संजीव चौधरी आदि ने स्वामी निगमानंद सरस्वती को श्रद्धासुमन अर्पित किए। बह्मचारी दयानंद ने बताया कि श्रद्धांजलि समारोह शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
विज्ञापन