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कनखल के सर्राफ को दिल्ली के माफिया डॉन नीरज बवाना के नाम से धमकाया
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
कनखल के सराफ प्रदीप शर्मा से पचास लाख की रंगदारी मांगने के तार वर्ष 2015 में सराफ के छोटे भाई और पिता पर हुए कातिलाना हमले से जुड़ रहे हैं। तब वारदात में शामिल रहे अनमोल तोमर के आरोपी के नाम से सराफ को धमकी भरे कई मैसेज किए गए हैं और उसने खुद को दिल्ली के माफिया डॉन नीरज बवाना का छोटा भाई बताया है। कनखल पुलिस सीआईयू की मदद से रंगदारी एवं हत्या की धमकी देने के मामले की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है।
कनखल थाने के ठीक पीछे विष्णु विहार कालोनी निवासी प्रदीप शर्मा की सराफा बाजार में पदमिनी ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। दुकान का कामकाज प्रदीप शर्मा, उसका भाई राजन और पिता संभालते है। वर्ष 2015 में जब छोटा भाई राजन अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर घर लौट रहे थे तब घात लगाकर बैठे बदमाशों ने लूट के मकसद से दोनों पर गोलियां चलाई थी। दोनों बच गए थे। सराफ राजन ने तुरंत घर से लाइसेंसी रिवाल्वर निकालकर फायरिंग की थी लेकिन बदमाश फरार होने में कामयाब रहे थे। उत्तराखंड एसटीएफ एवं कनखल पुलिस ने संयुक्त रूप से वारदात का खुलासा करते हुए कई अपराधियों को दबोचा था। पिछले माह एडीजे द्वितीय की कोर्ट में सर्राफ प्रदीप शर्मा की गवाही भी हुई थी। लेकिन सात अप्रैल को सराफ प्रदीप शर्मा के मोबाइल फोन पर एक के बाद एक कई धमकी भरे मैसेज आए। मैसेज भेजने वाले शख्स ने अपना परिचय अनमोल तोमर के तौर पर देते हुए खुद को दिल्ली के माफिया डॉन नीरज बवाना का छोटा भाई बताया। मैसेज में पचास लाख की रकम रंगदारी न देने पर हत्या की धमकी दी और घर को बम से उड़ा देने की बात भी कही गई। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि अनमोल तोमर नाम का शख्स वर्ष 2015 में घटी वारदात में शामिल था। यह जानकारी सामने आने पर पुलिस ने बैरागी कैंप में उसके घर छापा मारा लेकिन वह वहां नहीं मिला। उधर सीआईयू मोबाइल फोन नंबर की आईडी, कॉल डिटेल रिकार्ड एवं लोकेशन की जानकारी जुटा रही है। एसओ हरिओमराज चौहान ने बताया कि पड़ताल कर रहे हैं। अनमोल के मिलने के बाद साफ होगा कि उसी ने ही धमकी दी है या फिर कोई उसके नाम का इस्तेमाल कर रहा है।
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कनखल के सराफ प्रदीप शर्मा से पचास लाख की रंगदारी मांगने के तार वर्ष 2015 में सराफ के छोटे भाई और पिता पर हुए कातिलाना हमले से जुड़ रहे हैं। तब वारदात में शामिल रहे अनमोल तोमर के आरोपी के नाम से सराफ को धमकी भरे कई मैसेज किए गए हैं और उसने खुद को दिल्ली के माफिया डॉन नीरज बवाना का छोटा भाई बताया है। कनखल पुलिस सीआईयू की मदद से रंगदारी एवं हत्या की धमकी देने के मामले की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है।
कनखल थाने के ठीक पीछे विष्णु विहार कालोनी निवासी प्रदीप शर्मा की सराफा बाजार में पदमिनी ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। दुकान का कामकाज प्रदीप शर्मा, उसका भाई राजन और पिता संभालते है। वर्ष 2015 में जब छोटा भाई राजन अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर घर लौट रहे थे तब घात लगाकर बैठे बदमाशों ने लूट के मकसद से दोनों पर गोलियां चलाई थी। दोनों बच गए थे। सराफ राजन ने तुरंत घर से लाइसेंसी रिवाल्वर निकालकर फायरिंग की थी लेकिन बदमाश फरार होने में कामयाब रहे थे। उत्तराखंड एसटीएफ एवं कनखल पुलिस ने संयुक्त रूप से वारदात का खुलासा करते हुए कई अपराधियों को दबोचा था। पिछले माह एडीजे द्वितीय की कोर्ट में सर्राफ प्रदीप शर्मा की गवाही भी हुई थी। लेकिन सात अप्रैल को सराफ प्रदीप शर्मा के मोबाइल फोन पर एक के बाद एक कई धमकी भरे मैसेज आए। मैसेज भेजने वाले शख्स ने अपना परिचय अनमोल तोमर के तौर पर देते हुए खुद को दिल्ली के माफिया डॉन नीरज बवाना का छोटा भाई बताया। मैसेज में पचास लाख की रकम रंगदारी न देने पर हत्या की धमकी दी और घर को बम से उड़ा देने की बात भी कही गई। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि अनमोल तोमर नाम का शख्स वर्ष 2015 में घटी वारदात में शामिल था। यह जानकारी सामने आने पर पुलिस ने बैरागी कैंप में उसके घर छापा मारा लेकिन वह वहां नहीं मिला। उधर सीआईयू मोबाइल फोन नंबर की आईडी, कॉल डिटेल रिकार्ड एवं लोकेशन की जानकारी जुटा रही है। एसओ हरिओमराज चौहान ने बताया कि पड़ताल कर रहे हैं। अनमोल के मिलने के बाद साफ होगा कि उसी ने ही धमकी दी है या फिर कोई उसके नाम का इस्तेमाल कर रहा है।
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