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बजट के साथ 150 से अधिक प्रस्ताव चर्चा के बाद पारित
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए सर्वसम्मति से 102.36 करोड़ का बजट पास किया गया। इस बजट में वार्डों में स्ट्रीट लाइट, सड़क और नाली की समस्याओं का सुधार किया जाएगा। बैठक में मेयर अनीता शर्मा और पार्षदों ने करीब 150 प्रस्ताव रखे थे, जिन्हें स्वीकृति दे गई।
शनिवार को नगर निगम में बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत नगर आयुक्त डॉ. आलोक कुमार पांडेय के संचालन में सहायक नगर आयुक्त महेंद्र यादव ने वार्ड वार पार्षदों से प्राप्त प्रस्तावों को बैठक में रखा। वरिष्ठ वित्त अधिकारी डॉ. तंजीम अली ने सदन में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 102 करोड़ 36 लाख की आय व्यय का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। जबकि पिछले वर्ष 101 करोड़ 35 लाख रुपये का बजट पारित किया गया था। पार्षदों ने लचर सफाई व्यवस्था, पथ-प्रकाश और केआरएल के काम को लेकर नाराजगी व्यक्त की। नगर आयुक्त ने खुद सफाई व्यवस्था में सुधार की बात को स्वीकार किया है। नगर निगम की आय बढ़ाने के संबंध में कई पार्षदों ने सुझाव दिए जिन पर कार्यकारिणी की बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में पार्षदों ने हैलीपैड की स्थापना के लिए मिस्सरपुर की सलेज फार्म की भूमि की मांग के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से निरस्त कर दिया। इसके लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट ने पत्र भेजा था। सदस्य नगर निगम की भूमि देने के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए भी तैयार नहीं थे। वहीं तीसरा मोर्चा के संयोजक अनिल वशिष्ठ की ओर से रखा गया 74वां संविधान संशोधन की सिफारिशों को लागू करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर शासन को भेजने का निर्णय लिया है। पार्षद अनिल मिश्रा ने विधायक निधि की तरह पार्षद निधि बनाने का प्रस्ताव रखा। इसे पार्षदों ने जोरशोर से पारित कर शासन को भिजवाने का निर्णय लिया। पार्षद राजेश शर्मा, रामकिशन कोरी, अनुज सिंह, राधे कृष्ण, निशा नौड़ियाल, ललित सिंह रावत, कैलाश चंद्र भट्ट, महावीर वशिष्ठ आदि ने एक स्वर से दोनों प्रस्तावों को पारित किया है। इस दौरान अनिरूद्ध भाटी, श्रुति खेवड़िया, विनीत जौली, कैलाश चंद्र भट्ट, सुहेल कुरैशी, विकास कुमार, मंजू, विवेक उनियाल, परमिंदर गिल, सुनील गुड्डू, शुभम मैंदोला, सपना शर्मा, सचिन अग्रवाल, नेपाल सिंह, अर्जुन कुुमार, नागेंद्र सिंह, हितेश आदि ने भाग लिया।
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शनिवार को नगर निगम में बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत नगर आयुक्त डॉ. आलोक कुमार पांडेय के संचालन में सहायक नगर आयुक्त महेंद्र यादव ने वार्ड वार पार्षदों से प्राप्त प्रस्तावों को बैठक में रखा। वरिष्ठ वित्त अधिकारी डॉ. तंजीम अली ने सदन में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 102 करोड़ 36 लाख की आय व्यय का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। जबकि पिछले वर्ष 101 करोड़ 35 लाख रुपये का बजट पारित किया गया था। पार्षदों ने लचर सफाई व्यवस्था, पथ-प्रकाश और केआरएल के काम को लेकर नाराजगी व्यक्त की। नगर आयुक्त ने खुद सफाई व्यवस्था में सुधार की बात को स्वीकार किया है। नगर निगम की आय बढ़ाने के संबंध में कई पार्षदों ने सुझाव दिए जिन पर कार्यकारिणी की बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में पार्षदों ने हैलीपैड की स्थापना के लिए मिस्सरपुर की सलेज फार्म की भूमि की मांग के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से निरस्त कर दिया। इसके लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट ने पत्र भेजा था। सदस्य नगर निगम की भूमि देने के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए भी तैयार नहीं थे। वहीं तीसरा मोर्चा के संयोजक अनिल वशिष्ठ की ओर से रखा गया 74वां संविधान संशोधन की सिफारिशों को लागू करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर शासन को भेजने का निर्णय लिया है। पार्षद अनिल मिश्रा ने विधायक निधि की तरह पार्षद निधि बनाने का प्रस्ताव रखा। इसे पार्षदों ने जोरशोर से पारित कर शासन को भिजवाने का निर्णय लिया। पार्षद राजेश शर्मा, रामकिशन कोरी, अनुज सिंह, राधे कृष्ण, निशा नौड़ियाल, ललित सिंह रावत, कैलाश चंद्र भट्ट, महावीर वशिष्ठ आदि ने एक स्वर से दोनों प्रस्तावों को पारित किया है। इस दौरान अनिरूद्ध भाटी, श्रुति खेवड़िया, विनीत जौली, कैलाश चंद्र भट्ट, सुहेल कुरैशी, विकास कुमार, मंजू, विवेक उनियाल, परमिंदर गिल, सुनील गुड्डू, शुभम मैंदोला, सपना शर्मा, सचिन अग्रवाल, नेपाल सिंह, अर्जुन कुुमार, नागेंद्र सिंह, हितेश आदि ने भाग लिया।
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