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चरस तस्करी में एक आरोपी को दस तो दूसरे को हुई पांच साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 09 Apr 2016 03:25 PM IST
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चरस तस्करी में देहरादून के दो लोगों को विशेष सत्र न्यायालय (जिला एवं सत्र न्यायालय) ने सजा सुनाई है। एक तस्कर को दस वर्ष और दूसरे को पांच साल की सजा सुनाई है। दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
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20 नवंबर 2012 को एसओजी प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में गश्त कर रही टीम को पोखरी (पाटी) के पास दो लोगों से चरस
बरामद हुई थी। रायपुर देहरादून के प्रदीप शाह से 1.5 किलोग्राम और वहीं के अशोक से 500 ग्राम चरस मिली। दोनों के खिलाफ
एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18/20 के तहत लोहाघाट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के वकील डीजीसी एसके खर्कवाल की दलील और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ आरोप सही पाए गए। विशेष सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने सभी पक्षों को सुनने के बाद दोनों को दोषी पाया।
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1.5 किलोग्राम चरस के साथ दबोचे गया प्रदीप शाह
1.5 किलोग्राम चरस के साथ दबोचे गए प्रदीप शाह को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा के साथ एक लाख रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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500 ग्राम चरस के साथ पकड़े गए अशोक को 5 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।